हत्यारोपी पर कार्रवाई की मांग परिजनों व दरोगा में नोकझोंक
गाजियाबाद। हत्या का केस दर्ज होने के ढाई महीने बाद भी आरोपी पर कार्रवाई न होने पर परिजन रविवार को कविनगर थाने पहुंचे वहां एसएसआई से नोकझोंक हो गई। हरसांव निवासी मृतक बंटी कश्यप के परिजनों का आरोप है कि एसएसआई ने उनकी बात सुनने की बजाय आरोपी का पक्ष लिया और उनके साथ अभद्रता भी की। एसएचओ से आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए।
हरसांव निवासी लीले कुमार ने 3 सितंबर को कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई बंटी कश्यप का शव 28 जून को रेलवे लाइन के पास मिला था। पुलिस ने घटना को आत्महत्या बताया था, लेकिन बंटी की हत्या की गई। बंटी की पत्नी के गांव के ही रोहित यादव से संबंध थे। बंटी इस बात का विरोध करता था। 26 जून को रोहित व बंटी का झगड़ा भी हुआ था। इसी विवाद में 27 जून को बंटी की हत्या कर रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया। लीले का कहना है कि बंटी का सिल रेलवे लाइन के पास था। उसके हाथ में मोबाइल था और एक पैर की चप्पल गायब थी। वहीं, रोहित से विवाद होने के बाद भी बंटी की पत्नी उसके मकान में रह रही थी। पुलिस ने रोहित यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। बंटी के परिजनों का आरोप है कि करीब ढाई महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रोहित और बंटी की पत्नी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन आस्था माता को साथ लेकर रविवार को कविनगर थाने पहुंचे। वहां एसएसआई देवेंद्र सिंह से उनकी नोकझोंक हो गई।
दरोगा पर आरोपी का पक्ष लेने का आरोप
परिजनों व आस्था मां का कहना है कि कार्रवाई के बारे में पूछने पर एसएसआई देवेंद्र यादव ने उनसे सुबूत मांगे और रोहित के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही। आरोप है कि एसएसआई आरोपी पक्ष से साठगांठ कर उसका पक्ष ले रहे हैं। परिजनों ने एसएसआई पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि वह मृतक को न्याय दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। कार्रवाई न होने पर अनशन करेंगे। एसएचओ से फोन पर बात करने पर उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर परिजन थाने से गए।