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कैंसर पीड़ित पत्नी को बचाने के लिए लेना था लोन, हो गई ठगी

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कैंसर पीड़ित पत्नी को बचाने के लिए लेना था लोन, हो गई ठगी
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गाजियाबाद। कैंसर पीड़ित पत्नी की जान बचाने के लिए लोन का आवेदन करने वाले खराद वर्कशॉप संचालक गुरमीत ठगी का शिकार हो गए। गोविंदपुरम के बालाजी एंक्लेव निवासी गुरमीत सिंह का कहना है कि प्रदीप चौधरी नाम के युवक ने उनसे व उनके भतीजे जसप्रीत सिंह से एक लाख रुपये ठग लिए। पैसों का इंतजाम न होने के कारण वह पत्नी को भी नहीं बचा सके। कविनगर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
गुरमीत सिंह ने बताया कि वह पटेल मार्ग बौंझा में खराद मशीन की वर्कशॉप चलाते हैं। उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं। उनके इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। लिहाजा उन्होंने लोन लेने की सोची। किसी जानकार ने प्रदीप चौधरी नाम के युवक का नंबर दिया। कॉल करने पर उसने ढाई फीसदी कमीशन पर 8 से 10 लाख रुपये का लोन दिलाने का आश्वासन दिया। पैसों की जरूरत होने के कारण वह तैयार हो गए। वहीं, उनके भतीजे जसप्रीत सिंह ने भी कारोबार के लिए लोन लेने की इच्छा जाहिर की। गुरमीत सिंह का कहना है कि प्रदीप चौधरी उनके व भतीजे के घर आया और दस्तावेज लेकर चला गया। उसने एक महीने में लोन कराने की बात कही थी।
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पत्नी तस्वीर पर माला चढ़ी देख हो गया लापता
गुरमीत सिंह का कहना है कि वह कभी कैश तो कभी ऑनलाइन पेमेंट कराकर उनसे रकम ऐंठता रहा। वह कोरोना काल में ऑफिस बंद होने की बात कहकर झांसा देता रहा। इसी बीच 13 मई को उनकी पत्नी का देहांत हो गया। इसके बाद प्रदीप चौधरी उनके घर आया और पत्नी की तस्वीर पर माला चढ़ी देखकर गायब हो गया।
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झांसा तो नहीं देता शायद पत्नी को बचा लेता
गुरमीत सिंह का कहना है कि उन्होंने घर, रुपया व सभी जमापूंजी पत्नी के इलाज में लगा दी। डॉक्टरों ने कहा था कि अगर पांच लाख का इंतजाम हो जाए तो ऑपरेशन हो जाएगा। उन्होंने लोन कराने के लिए किसी से उधार लेकर प्रदीप चौधरी को पैसे दिए थे। वह लोन के भरोसे बैठे रहे, लेकिन प्रदीप चौधरी उनसे ठगी करके फरार हो गया। गुरमीत सिंह का कहना है कि अगर वह झांसा नहीं देता तो वह कोई दूसरा इंतजाम करके पैसों का बंदोबस्त कर शायद पत्नी को बचा लेते।
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