युवती के अपहरणकर्ता को सात साल कारावास
गाजियाबाद। वर्ष 2014 में साहिबाबाद निवासी बुटीक संचालिका की 20 वर्षीय बेटी के अपहरण करने के आरोप में कोर्ट ने आरोपी शकील उर्फ समीर को सात साल कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय-प्रथम जयवीर सिंह नागर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए अपहरणकर्ता पर 10 हजार का अर्थदंड भी डाला है, जिसे न भुगतने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एडीजीसी आदेश त्यागी ने बताया कि बुटीक संचालिका ने साहिबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि उसकी 20 वर्षीय बेटी बुटीक पर देखभाल करती थी। 17 अक्तूबर 2014 को रात साढ़े 8 बजे तक वह दुकान पर ही थी। रात 9 बजे तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उसे सभी जगह तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बुटीक पर काम करने वाले शकील उर्फ समीर का मोबाइल मिलाया तो वह बंद मिला। पुलिस ने केस दर्ज कर युवती को बरामद कर लिया। उसने बयान में कहा था कि शकील ने चाउमीन में नशीला पदार्थ खिलाकर उसे बेहोश किया और उसे अगवा करके ले गया। शकील को जेल भेजकर पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। तभी से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। शुक्रवार को कोर्ट ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर शकील को दोषी ठहराते हुए उसे सात साल कारावास की सजा सुनाई।