मार्शल कागजों में तैनात, डीएमई पर उल्टी दिशा में दौड़ रहे वाहन
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में दौड़ रहे वाहन के कारण 14 दिन पहले हुई पांच मौतों के बाद भी एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और पुलिस नहीं जागी। एनएचएआई ने उल्टी दिशा में दौड़ते वाहनों को रोकने के लिए कागजों में मार्शल तैनात किए, लेकिन हालात नहीं सुधरे। रविवार को अमर उजाला ने एबीईएस कट, डासना कट, विजयनगर समेत कई प्वाइंट पर जाकर पड़ताल की तो अभी भी वाहन उल्टी दिशा में दौड़ते नजर आए। जिन दुपहिया वाहनों के एक्सप्रेसवे पर जाने पर रोक लगा दी गई थी, वह भी बेरोकटोक दौड़ते दिखाई दिए। ऐसी स्थिति में इस एक्सप्रेसवे पर फिर से बड़ा हादसा हो सकता है।
डासना-मसूरी से मेरठ की ओर जाने वाले वाहन चालकों को आईएमएस कॉलेज के पास बने अंडरपास से यू-टर्न लेकर एक्सप्रेसवे पर आना चाहिए, लेकिन अधिकांश वाहन चालक अंडरपास पर जाने की बजाय उससे पहले बने कट से ही उल्टी दिशा में एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाते हैं। इन वाहन चालकों को मेरठ तक बीच में सही दिशा में पहुंचने के लिए कट नहीं मिलता और यह उल्टी दिशा में ही मेरठ तक पहुंच जाते हैं। 5-10 मिनट का समय और महज 40-50 रुपये का डीजल बचाने के चक्कर में यही वाहन हादसों की वजह बन रहे हैं।
दिल्ली से लालकुआं आने वाले वाहनों को मेट्रो मॉल के पास से नीचे सर्विस लेन पर उतरना होता है, लेकिन यहां दिशासूचक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। भ्रमित वाहन चालक लालकुआं से नीचे जीटी रोड पर उतरने की बजाय एक्सप्रेसवे पर आगे चले जाते हैं और फिर उल्टी दिशा में गाड़ी चलाकर वापस लाते हैं। इसकी वजह से कई बार वाहन टकरा चुके हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर उल्टी दिशा में वाहन चलाने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन दोनों एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक पुलिस ने पिछले 15 दिन में 1595 वाहनों के चालान किए हैं। इनके अलावा 18 वाहनों को सीज किया गया है। इस साल एक जनवरी से लेकर 15 सितंबर तक उल्टी दिशा में दौड़ने की वजह से 12384 वाहनों का चालान किया जा चुका है। सबसे ज्यादा 2275 चालान जून में किए गए।
एनएचएआई परियोजना निदेशक : एक्सप्रेसवे पर तैनात मार्शल की प्रतिदिन लोकेशन ली जाती है। विश्वकर्मा पूजा की वजह से अवकाश पर रहने की वजह से दो दिन वह तैनात नहीं रहे होंगे। उल्टी दिशा में वाहन चलाने वालों को रोका जा रहा है।
एसपी ट्रैफिक : ट्रैफिक पुलिस की टीम को डासना समेत कई प्वाइंट पर तैनात कर उल्टी दिशा में आने वाले वाहन चालकों को रोेकने और चालान करने के लिए लगाया गया है। रोजाना करीब 100 से 125 वाहन चालकों के चालान भी किए जा रहे हैं। इससे उल्टी दिशा में चलने वाले वाहनों की संख्या कम हुई है।