ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी के खाते से 11 लाख उड़ाए
गाजियाबाद। साइबर जालसाजों ने ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के रिटायर्ड अधिकारी के खाते से 11 लाख रुपये साफ कर दिए। ठगों ने बैंककर्मी बनकर कॉल की और केवाईसी के नाम पर ठगी को अंजाम दिया। बैंक में बिजली बिल का चेक क्लियर न होने पर फर्जीवाड़े का पता चला। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है।
राजनगर सेक्टर-7 निवासी केशव कंसल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि उनके 86 वर्षीय नाना जगदीश चंद्र गुप्ता ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी हैं। नाना का बचत खाता यश बैंक में है। 7 अगस्त को उनके नाना के पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए खाते के कीवाईसी अधूरी होने की बात कही। इसके बाद कॉलर ने केवाईसी पूरी कराने के नाम पर खाते की डिटेल ली और 8-9 बार कॉल करके हर बार ओटीपी पूछा। 8 अगस्त को भी उनके पास इसी तरह की कॉल आई और इस बार भी ओटीपी पूछा। इसके बाद कॉलर ने केवाईसी कंप्लीट होने की बात कही।
स्टेटमेंट निकलवाई तो खाली मिला खाता
केशव कंसल का कहना है कि उनके नाना ने साढ़े 3 हजार के बिजली बिल का चेक लगाया हुआ था। चेक क्लियर न होने पर वह मंगलवार को बैंक गए। वहां जाकर पता चला कि उनका खाता खाली पड़ा है। नाना की सूचना पर वह बैंक पहुंचे। खाते की स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि दो दिन में 22 ट्रांजेक्शन में आईएमपीएस के जरिये खाते से 11 लाख 8 हजार 675 रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार का कहना है कि जिन नबर से कॉल आई तथा जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।