तीर के लिए मां ने बेचे गहने, बेटी ने चांदी पर साधा निशाना
गाजियाबाद। पोलैंड में आयोजित यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप की एकल प्रतिस्पर्धा में शहर की बेटी साक्षी चौधरी ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। चैंपियनशिप में जाने से पहले साक्षी के पास तीर नहीं थे। कोरोना काल में छह महीने पहले पिता की नौकरी चली गई। बेटी का सपना पूरा करने के लिए मां ने गहने बेचकर 90 हजार रुपये का इंतजाम किया। आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार की इस होनहार ने चांदी पर निशाना साधकर सारी कमी पूरी कर दी।
मूलरूप से गौतमबुद्धनगर के दुरियाई गांव और फिलहाल गाजियाबाद के चिरंजीव विहार सेक्टर-3 में रहने वाले जितेंद्र चौधरी की बेटी साक्षी चौधरी ने 2018 में तीरंदाजी शुरू की। साक्षी 100 किलोमीटर का सफर रोज तय करके दिल्ली की देवांश आर्चरी एकेडमी में प्रैक्टिस के लिए जाती। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति ने उनका रास्ता रोकना चाहा, लेकिन साक्षी ने हार नहीं मानी। हालात चाहे जैसे हों परिवार भी बेटी के साथ खड़ा रहा। पिता जितेंद्र चौधरी ने बताया कि 5 अगस्त को जब साक्षी को यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलने के लिए पोलैंड जाना था, तब उनके पास न तो तीर थे और न ही अन्य जरूरी सामान। उन्हें सरकारी स्तर पर या किसी फेडरेशन की ओर से भी मदद नहीं मिल रही थी। बेटी के चैंपियनशिप में जाने का सपना टूटता नजर आ रहा था, लेकिन मां शशि चौधरी ने बेटी का साथ दिया और तीर खरीदने के लिए अपने गहने बेच दिए। मां के गहनों से मिले तीर को लेकर बेटी साक्षी पोलैंड के लिए रवाना हुई और व्यक्तिगत जूनियर चैंपियनशिप में फाइनल तक पहुंचीं। साक्षी ने इस प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम दुनिया में रोशन किया है।
पहले भी जीत चुकी मेडल
2021 में ही हाईस्कूल की परीक्षा पास कर चुकी साक्षी चौधरी ने कई अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भी मेडल अपने नाम किए हैं। कोच सुरेंद्र तंवर ने बताया कि साक्षी ने 2018 में सोनभद्र में हुई यूपी स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा मुंबई में हुई प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक, हापुड़ में इसी साल हुई यूपी स्टेट जूनियर व सीनियर प्रतिस्पर्धा में तीन गोल्ड मेडल जीते थे। उनके होम ग्राउंड कोच विकास कुमार का कहना है कि अब साक्षी का लक्ष्य 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतना है।