फर्जीवाड़ा कर कई बिल्डरों ने ले लिया कंप्लीशन सर्टिफिकेट
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में लगातार खड़ी हो रहीं हाउसिंग सोसायटियों में समस्याएं भी बेशुमार हैं। सिर्फ सड़क, सीवर, नाली ही नहीं सबसे बड़ी समस्या यहां हरियाली की है। राजनगर एक्सटेंशन में अधिकांश बिल्डरों ने हरियाली के नाम पर सोसायटियों में छोटे-छोटे सजावटी पौधे लगाकर जिम्मेदारी पूरी कर ली। यही वजह है कि इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है। नियमों की अनदेखी के बावजूद जीडीए ने ज्यादातर सोसायटियों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट (पूर्णता प्रमाण पत्र) जारी कर दिए हैं। स्थानीय निवासी और जल बिरादरी के पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी है।
गौर कास्केड सोसायटी में रहने वाले विक्रांत शर्मा सामाजिक संस्था जल बिरादरी के संयोजक हैं और पर्यावरण व हिंडन के संरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि राजनगर एक्सटेंशन में बिल्डरों ने कागजों पर पेड़ लगाकर कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले लिए हैं। नियमों के अनुसार सभी सोसायटियों में कुल क्षेत्रफल के तय अनुपात में बड़े पेड़ लगाए जाने अनिवार्य हैं। बावजूद इसके राजनगर एक्सटेंशन की 35 में से महज 7-8 सोसायटियां ऐसी हैं जिनमें पेड़-पौधों को लगाने में मानकों का ख्याल रखा गया है। अन्य सोसायटियों में सजावटी पेड़ लगा दिए गए हैं। इनका कोई फायदा नहीं है।
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पेड़ों की जगह पर पार्किंग बनाकर बेचने का आरोप
सोसायटियों के लोगों का आरोप है कि राजनगर एक्सटेंशन में कई सोसायटियां ऐसी हैं जिनमें बिल्डरों ने ग्रंीन एरिया की जगह या तो टावर्स खड़े कर फ्लैट बनाकर बेच दिए हैं या पार्किंग बनाकर पैसा कमाया है। रेजिडेंट्स मरते हैं तो मर जाएं, बिल्डरों और जीडीए अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं है।
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सीएम और पुलिस से की शिकायत
जल बिरादरी के संयोजक और अधिवक्ता विकांत शर्मा ने बिल्डरों और जीडीए की इस मनमानी की शिकायत मंगलवार को मुख्यमंत्री और स्थानीय पुलिस से की है। उन्होंने फर्जीवाड़ा कर बिल्डरों और जीडीए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बिल्डरों और जीडीए के फर्जीवाड़ा करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई न हुई तो वह उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अदालत जाएंगे।
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परिचर्चा
जीडीए और बिल्डरों की ओर से राजनगर एक्सटेंशन में एक लाख पेड़ लग चुके हैं, लेकिन सब फाइलों में हैं। प्रदूषण की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। कैंसर और सांस की बीमारियां हो रही हैं। - विक्रांत शर्मा, गौर कास्केड निवासी
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जिस राजनगर के नाम पर राजनगर एक्सटेंशन बसाया गया है, दोनों में बड़ा अंतर है। राजनगर हरा-भरा है और एक्सटेंशन उजड़ा हुआ है। जीडीए अधिकारी राजनगर एक्सटेंशन के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। - निधि विश्वकर्मा, केडीपी ग्रांड सवाना निवासी
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प्रदेश सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में पेड़ लगाने का अभियान चला रही है। इस पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो बिल्डरों पर दबाव क्यों नहीं बनाया जाता। उन्हें भी सोसायटियों में बड़े पेड़ों के लिए खाली जगह छोड़ने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए। - अर्चना त्रिपाठी, गौर कास्केड निवासी
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बिना हरियाली और पेड़ों के लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों की सेहत का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। जीडीए इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। अधिकारी नहीं जागे तो रेजिडेंट्स को मजबूरन कोर्ट जाना पड़ेगा। - डॉ. सुचि लूंबा, गुलमोहर सोसायटी निवासी