55 लाख की स्मार्ट घड़ियों से रखी जाएगी सफाई कर्मचारियों पर नजर
गाजियाबाद। वार्डों में तैनात नगर निगम कर्मचारियों के ड्यूटी से नदारद रहने की शिकायत अक्सर पार्षद करते हैं। अब सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी तकनीक के जरिए होगी। जल्द ही नगर निगम कर्मचारियों को स्मार्ट घड़ी दी जाएगी। जीपीएस सिस्टम आधारित यह घड़ियां कर्मचारी की लोकेशन बता देंगी। यानी अधिकारियों को पता रहेगा कि कर्मचारी अपने तैनाती वाले क्षेत्र में पहुंचे थे या नहीं। साथ में यह भी पता रहेगा कि किस समय वार्ड में पहुंचे।
नगर निगम ने 14वें वित्त आयोग के फंड से पहले चरण में 2 हजार घड़ी खरीदने का निर्णय लिया है। इन घड़ियों की खरीद पर निगम ने करीब 55 लाख रुपये खर्च करने की प्लानिंग की है। प्रत्येक घड़ी पर नगर निगम 275 रुपये खर्च करेगा। इसके लिए निगम ने फंड भी अलॉट कर दिया है। मेयर की अध्यक्षता वाली समिति 14वें वित्त आयोग के फंड से इस कार्य को मंजूरी दे चुकी है। बीते दिनों महापौर ने समीक्षा बैठक में पुराने कार्यों की समीक्षा भी की थी, जिसमें घड़ियों की खरीद पर भी चर्चा हुई। अब निगम ने इन घड़ियों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
ऐसे काम करती है स्मार्ट वॉच
जीपीएस आधारित स्मार्ट घड़ी फोन से कनेक्ट हो जाती है। यह घड़ी जिन कर्मचारियों को दी जाएगी, उनकी लोकेशन ट्रेस हो सकेगी। अधिकारियों को यह पता भी चल जाएगा कि कर्मचारी कितनी देर अपने आवंटित क्षेत्र में रहा है और कितने बजे वहां से लौटा है। इसके अलावा उसके पैदल चलने की जानकारी भी इस घड़ी से मिल जाएगी। निगम अपने कंट्रोल रूम से निगरानी रख सकेगा कि कर्मचारी किस वक्त पर अपने संबंधित वार्ड में थे।
बायोमीट्रिक मशीन फेल, रजिस्टर पर लग रही हाजिरी
नगर निगम ने करीब दो साल पहले सफाई कर्मचारियों की वार्डों में ही हाजिरी लगाने के लिए बायोमीट्रिक मशीनें खरीदी थीं। प्रत्येक सुपरवाइजर को यह मशीनें दी गई थीं। कुछ महीनों तक इन मशीनों से हाजिरी लगी, लेकिन कोरोना काल में इन्हें बंद कर दिया गया। इसके बाद अब मशीनों से हाजिरी लगाने की व्यवस्था फेल हो गई। अब निगम के सफाई कर्मचारियों की हाजिरी वार्ड में रजिस्टर पर लगाई जा रही है। इससे बड़ी धांधली हो रही है। बीते दिनों हाजिरी लगाने को लेकर भाजपा पार्षद सुनील यादव और सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। मामला थाने तक पहुंच गया था।
कर्मचारियों के लिए स्मार्ट घड़ी खरीदने का यह प्रस्ताव मेरे कार्यकाल से पहले का है। इसकी पुन: समीक्षा की जाएगी। कर्मचारियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए अन्य स्तर पर भी काम किया जा रहा है। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त