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73.21 फीसदी लाभार्थियों का नहीं बना गोल्डन कार्ड

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73.21 फीसदी लाभार्थियों का नहीं बना गोल्डन कार्ड
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गाजियाबाद। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के चार साल बाद भी 73.21 फीसदी लोगों का गोल्डन कार्ड नहीं बना है। अभी तक सिर्फ 16.9 फीसदी लाभार्थियों को ही गोल्डन कार्ड नसीब हुआ है। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही से रैंकिंग में भी गाजियाबाद प्रदेश में पहले से खिसककर सातवें पायदान पर पहुंच गया है। पोर्टल पर अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों ने पिछले लगभग 11 महीनों से डेटा ही अपलोड नहीं किया है। इस लापरवाही पर अधिकारियों को शासन से फटकार पड़ी है।
योजना में केवल स्वास्थ्य बीमा के साथ ही ओपीडी में आने वाले मरीजों का पूरा डेटा भी केंद्र सरकार तक पहुंचाना शामिल है। योजना को कई हिस्सों में बांटा गया था। इसमें 25 प्रतिशत अंक पोर्टल पर डेटा अपलोड करने, 30 प्रतिशत अंक लक्ष्य से अधिक कार्य करने, 45 प्रतिशत अंक पीएचसी, सीएचसी पर उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को दी जाने वाले सेवाओं के थे। वर्ष 2020 में जिला स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत योजना में सूबे में पहले स्थान पर था, लेकिन वर्ष 2021 में लापरवाही के चलते पहले पायदान से खिसककर सातवें स्थान पर पहुंच गया।
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पांच लाख से अधिक लोगों का नहीं बना है कार्ड
एसीएमओ और आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि पहले 132485 परिवारों को चयनित किया गया था। इसमें एक परिवार के पांच लोगों को योजना का लाभ मिलना था। वर्ष 2019 में दोबारा गणना के बाद 15594 परिवारों को शामिल किया गया। पिछले दो साल में जिले में केवल 22 हजार परिवारों के ही कार्ड बन सके हैं। 111908 परिवारों के कार्ड अब तक नहीं बने हैं। औसतन पांच लाख 57 हजार लोग अभी भी बिना कार्ड हैं।
50 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र एवं 46 अन्य स्वास्थ्य केंद्र
जिले में 50 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, 16 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 30 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इनमें कई केंद्रों ने जुलाई 2020 से पोर्टल पर किसी तरह की जानकारी अपलोड नहीं की है। सिर्फ आठ केंद्रों ने जून 2021 तक पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराई है। सीएमओ ने इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने चेतावनी दी है कि अगर किसी केंद्र पर डेटा अपलोड नहीं हुआ तो संबंधित का वेतन रोक दिया जाए।
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चार लाख से अधिक लोग गए बाहर
एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि लक्षित लाभार्थियों में से करीब 60 फीसदी (चार लाख व्यक्ति) जिले से बाहर जा चुके हैं या स्थानीय पता बदल गया। इसमें संशोधन के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा।
अब तक स्थिति
लाभार्थी परिवारों की संख्या - 148079
कुल लाभार्थी - 740395
मई में बनाए गए गोल्डन कार्ड - 33
अब तक बनाए गए कुल गोल्डन कार्ड - 124865
परिवार में एक लाभार्थी का बनाया गया गोल्डन कार्ड - 39673
परिवार में किसी का एक भी कार्ड नहीं बना - 73.21
अब तक कुल लाभार्थियों को मिला लाभ - 6107
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