हेड कैशियर ने करोड़ों का गबन कर सट्टेबाजी में उड़ाई थी रकम
गाजियाबाद। बिजली निगम में साढ़े पांच करोड़ रुपये के गबन के आरोपी हेड कैशियर सुमित गुप्ता निवासी मेरठ को सिहानी गेट पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उक्त मामले में आरोपी के सहयोगी सचिन शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से साढ़े 11 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि हेड कैशियर ने गबन के बाद मोटी रकम सट्टेबाजी में उड़ाई थी।
विद्युत वितरण निगम सप्तम पटेलनगर में हेड कैशियर के पद पर तैनात सुमित गुप्ता के खिलाफ अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने गत 16 दिसंबर को तीन करोड़ रुपये से अधिक के गबन का केस दर्ज कराया था। मामले की जांच आगे बढ़ी तो गबन तीन करोड़ का नहीं, बल्कि साढ़े पांच करोड़ का निकला। मामला बिजली निगम से जुड़ा होने के कारण पुलिस पर मुख्य आरोपी हेड कैशियर को गिरफ्तार करने का दबाव था। पुलिस सुमित गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही थी। केस दर्ज होने के बाद सुमित गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि बुधवार को आरोपी हेड कैशियर सुमित गुप्ता निवासी चैक खत्रियान नगर कोतवाली, मेरठ व उसके सहयोगी सचिन शर्मा निवासी फूटा कुआं बुढ़ाना गेट, मेरठ को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के पास से बिजली बिलों के 11 लाख 52 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
सट्टेबाजी में गंवाई मोटी रकम तो कर दिया गबन
पुलिस के मुताबिक हेड कैशियर सुमित गुप्ता को सट्टा खेलने की लत थी। विभाग में करोड़ों रुपये का गबन कर मोटी रकम उसने सट्टेबाजी में ही उड़ाई थी। धीरे-धीरे उसने साढ़े पांच करोड़ रुपये का गबन कर डाला। अकाउंट की समीक्षा में खेल उजागर होने पर उसके खिलाफ विभाग केअधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई। केस दर्ज होने से पहले उसने अपने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। उसने पैसे वापस जमा कराने का भरोसा भी दिया, लेकिन बाद में मोबाइल बंद कर लिया।
मेरठ के नामी सटोरिया समेत दो फरार
सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि हेड कैशियर सुमित गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने गबन की रकम थाना देहली गेट, मेरठ के सराय लाल दास निवासी अमन माहेश्वरी व थाना मेडिकल, मेरठ की चाणक्यपुरी राधाकुंज कॉलोनी निवासी राहुल गुप्ता के पास रखी थी। इसके अलावा वह सट्टेबाजी में रकम हार गया था। सीओ ने बताया कि अमन माहेश्वरी व राहुल गुप्ता वांछित चल रहे हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।