गाजियाबाद के पिलखुवा निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद शव कोरोना विसंक्रमित कवर में पैकिंग करने में अस्पताल प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई। शव की पैकिंग करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पीपीई किट भी नहीं दी गई।
इलाज करने वाले दो डाक्टर और नर्स को क्वारंटीन कर दिया गया, लेकिन शव को पैक करने वाले कर्मचारियों को न तो क्वारंटीन किया गया और न ही उनके खाने-पीने की कोई व्यवस्था की गई। मंगलवार सुबह हिंडन घाट पर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।
रात में 34 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। नोएडा में जांच मशीन खराब होने से सैंपल मेरठ भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वहां पर लैब पर जांच का दबाव अधिक होने से सैंपलों की रिपोर्ट आने में समय लग सकता है।
अब तक जिले में कुल 141 मरीज मिल चुके हैं। इसमें से 83 स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 56 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। अभी 632 सैंपलों की रिपोर्ट आने का इंतजार है।