पुराने बस अड्डे से मथुरा के लिए शुरू की गई रोडवेज की एसी बस सेवा करीब तीन महीने के अंदर ही बंद कर दी गई है। सवारियां न मिलने से कांट्रेक्टर ट्रांसपोर्टर को घाटा हो रहा था। ऐसे में उसने संचालन बंद कर दिया है। यह बस सेवा परिवहन निगम ने धार्मिक स्थल के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की थी।
सफल होने पर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जानी थी।रोडवेज ने आठ अगस्त से मथुरा के लिए एसी बस सेवा शुरू की थी। पुराने बस अड्डे से प्रतिदिन दो बसें मथुरा के लिए रवाना होती थीं। पहले ही दिन से इन बसों को सवारियों का टोटा झेलना पड़ रहा था।
गाजियाबाद से दादरी, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ से होते हुए मथुरा जाने वाली इन बसों को अलीगढ़ तक की सवारियां तो मिलती थीं, लेकिन मथुरा की सवारियां इक्का-दुक्का ही रहती थीं। ऐसे में शुरू से ही ट्रांसपोर्टर और परिवहन निगम को घाटा झेलना पड़ रहा था।
कुछ दिनों पूर्व इस बस का रूट बदलने की प्लानिंग की गई, लेकिन घाटे को देखते हुए अब इसका संचालन बंद कर दिया गया है। रोडवेज के एआरएम आरसी सुखीजा का कहना है कि इन दो बसों के संचालन से औसतन प्रतिदिन करीब 30 हजार घाटा हो रहा था। ट्रांसपोर्टर ने इस रूट पर बस संचालन से इंकार कर दिया है।