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व्यापारी का कत्ल: कातिल विकास का चौंकाने वाला खुलासा, योगेंद्र को मारना नहीं... सिर्फ ये था मकसद

Sun, 05 May 2024 12:21 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद के भट्ठा व्यापारी की अपहरण के बाद हत्या का मामला सामने आया है। आरोपियों ने व्यापारी का शव मेरठ में दबा दिया था। गाजियाबाद के भट्ठा व्यापारी योगेंद्र शर्मा का शव लेकर विकास और उसका साथी कई थाने पार कर मेरठ पहुंचे, लेकिन कहीं भी पुलिस ने चेकिंग नहीं की। 
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Ghaziabad Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के थाना नंदग्राम के सिकरोड रोड से एक मई को अपहृत किए गए भट्ठा व्यापारी योगेंद्र शर्मा (24) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शव को दौराला के सिवाया में रैपिडएक्स यार्ड के पास गड्ढे में दबा दिया। शनिवार को हत्यारोपी की निशानदेही पर नंदग्राम पुलिस ने शव बरामद कर लिया।
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थाना नंदग्राम के गांव सिकरोड निवासी देवेंद्र शर्मा भट्ठा व्यापारी हैं। उनका इकलौता बेटा योगेंद्र उर्फ गोलू उनके साथ कारोबार देखता था। उसने डीके ट्रेडर्स नाम से ऑफिस बनाया हुआ था। एक मई की शाम को वह ऑफिस बंद करके निकला लेकिन घर नहीं पहुंचा। 

काफी तलाश के बाद भी योगेंद्र का सुराग नहीं लगने पर परिजनों ने नंदग्राम थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली नगर निगम में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात योगेंद्र के ताऊ प्रमोद कुमार हितैषी ने बताया कि योगेंद्र ने हापुड़ जिले के अजराड़ा निवासी विकास को गैराज किराए पर दे रखा था।
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विकास यहां बाइक की सर्विस करने का कार्य करता था। उसने ओला कंपनी में अपनी कार भी लगा रखी थी। योगेंद्र के घर न लौटने पर परिजनों ने विकास से जानकारी ली तो उसने कहानी बनाकर परिजनों को गुमराह करना शुरू कर दिया। 
 

उसने बताया कि योगेंद्र गैराज पर बाइक की सर्विस कराने आया था और बाइक छोड़कर किसी के साथ चला गया। परिजनों को विकास पर शक नहीं हुआ। विकास परिजनों के साथ योगेंद्र की तलाश करने का दिखावा करता रहा। परिजनों ने विकास पर शक जाहिर किया तो शुक्रवार रात पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस की सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

शव को लेकर कई थाने पार कर मेरठ पहुंचा
गाजियाबाद के भट्ठा व्यापारी योगेंद्र शर्मा का शव लेकर विकास और उसका साथी कई थाने पार कर मेरठ पहुंचे, लेकिन कहीं भी पुलिस ने चेकिंग नहीं की। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। योगेंद्र का शव जिस जगह मिला, उससे कुछ ही दूरी पर सिवाया-पबरसा मार्ग पर बीते वर्ष नाले में एक युवक का शव मिला, जिसका सिर नहीं था। आज तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। मेरठ में कई शव पहले भी फेंके गए हैं। 

योगेंद्र की हत्या के बाद अपनी कार में शव लेकर विकास सिवाया तक आया। मौका पाकर शव दबा दिया। गाजियाबाद के डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि विकास और दोनों साले रोहित व मनीष हिरासत में हैं। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया  है कि विकास के ऊपर ढाई से तीन लाख रुपये कर्ज हो गया था। फिरौती वसूलने के बाद हत्या की प्लानिंग की थी।
 

कार बरामद कराने के दौरान विकास से पुलिस की हुई मुठभेड़
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कार के संबंध में पूछताछ की तो विकास ने बताया कि घटना में प्रयोग की गई कार उसने मोरटी गांव के पीछे सर्विस रोड पर झाड़ियों में खड़ी की थी। उसमें ही नशे का इंजेक्शन रखा है। उसकी निशानदेही पर पुलिस कार बरामद करने के लिए ले गई। जहां कार की चाबी ईंट के नीचे से निकालकर कार खोली और सीट के नीचे से तमंचा निकालकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास के दाएं पैर में गोली लगी।

बार-बार बयान बदला रहा हत्यारोपी विकास
विकास ने बताया कि योगेंद्र के पिता देवेंद्र शर्मा ने उसे गैराज किराये पर दिया था। 40 हजार रुपये विकास ने दे दिए थे, 40 हजार बकाया थे। योगेंद्र लगातार पैसों का तकादा कर रहा था। इसके चलते उसने योगेंद्र की हत्या कर दी। इसके बाद उसने बयान बदलते हुए कहा कि योगेंद्र उसके गैराज में सिगरेट पी रहा था, जिसको लेकर उसने मना किया। दोनों में कहासुनी हो गई। उसने योगेंद्र की हत्या कर दी। विकास ने पहले हत्या में आठ लोगों के शामिल होने की बात कही, बाद में उसने अपने भाई अमन और कुराली निवासी साले रोहित और अमन के शामिल होने की जानकारी दी।

शव दफनाने के बाद भी हितैषी बना रहा विकास
हत्या कर शव मेरठ में दफनाने के बाद विकास दो मई को गैराज पर पहुंच गया और किसी को शक न हो इसलिए योगेंद्र के परिजनों का हितैषी बना रहा और उन्हें गुमराह करना शुरू कर दिया। उनके साथ योगेंद्र की तलाश में जुट गया। पुलिस ने योगेंद्र की कॉल डिटेल निकाली तो कोई जानकारी सामने नहीं आई। विकास ने एक मई की रात 08:05 योगेंद्र का फोन बंद कर दिया था।

परिजनों ने 2500 पंफलेट छपवाकर लगवाए
परिजनों ने योगेंद्र के 2500 पंफलेट छपवाकर लगवाए क्षेत्र में लगा दिए थे। भट्ठा व्यापारी देवेंद्र के दो बेटी मेघा व शिवांगी हैं। देवेंद्र ने बताया कि बड़ी बेटी मेघा की शादी हो चुकी है, योगेंद्र दूसरे नंबर व शिवांगी तीसरे नंबर की है। घर का इकलौता चिराग होने के चलते योगेंद्र सभी का लाडला था। कम उम्र में ही उसने पिता के साथ काम में साथ देना शुरू कर दिया था। ईंट सप्लाई का सारा कार्य योगेंद्र देखता था। बेटे की हत्या के बाद पिता देवेंद्र व माता गीता का रो-रोकर बुरा हाल है।

 
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बेहोशी के इंजेक्शन के ओवरडोज से हुई मौत
डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में विकास समेत उसके दोनों साले रोहित व मनीष को पुलिस हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात कुबूल की है। विकास ने पुलिस को बताया कि उस पर करीब ढाई-तीन लाख रुपये का कर्ज हो गया है। इससे वह काफी परेशान था। ऐसे में उन्होंने भट्ठा संचालक के इकलौते बेटे योगेंद्र का अपहरण कर देवेंद्र से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची थी, लेकिन बेहोशी के इंजेक्शन की ओवरडोज से उनकी मौत हो गई।
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