एसएचओ लिंकरोड रण सिंह ने बताया कि आरोपी दो सितंबर को विक्रमशिला एक्सप्रेस से बिहार से आनंद विहार दिल्ली पहुंचा था। इसके बाद काम ढूंढने के लिए साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा। उसे काम नहीं मिला तो वह महाराजपुर गांव में ही एक कमरा किराए पर ले लिया।
काम मिलने के बाद रुपये देने की बात कही। इसके बाद कमरे में थैला रखकर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह निकला और पहली घटना को अंजाम दिया। वारदात करने के बाद आरोपी आनंद विहार बस अड्डा भाग जाता था। दिन में इधर-उधर घूमता रहता था। रात में बस अड्डे पर ही सोता था। इसके पहले वह दिल्ली में रहकर ही मजदूरी करता था।
आरोपी के पकड़े जाने से लोगों को मिली राहत
महाराजपुर गांव के पार्षद आरिफ हारुन ने बताया कि घटना के बाद से गांव की महिलाएं बहुत डरी हुई थीं। आरोपी के पकड़े जाने के बाद लोगों ने पहले पुलिस से कंफर्म किया। जब पूरी तरह से पुलिस ने आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी ले ली। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।