बेटी को पानी में डूबते देख तुलसी चिल्लाई और लोगों से मदद मांगने लगी। उसके चिल्लाने की आवास सुनकर बजरंग दल के कार्यकर्ता सुमित बजरंगी जान की परवाह न करते हुए मैनहोल में उतर गया। बच्ची का हाथ पकड़कर युवक ने ऊपर खींच लिया और मैनहोल के बाहर खड़े अन्य लोगों ने दोनों को पकड़कर बाहर निकाला। बेसुध हुई बच्ची को तत्काल पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया। रविवार से ही बच्ची को तेज बुखार है, लेकिन नगर निगम और सीवर मेंटेनेंस कंपनी ने उसकी इलाज कराने के लिए आर्थिक मदद नहीं की।
कई बार शिकायत पर भी नहीं लगाया गया था ढक्कन
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने टूटे ढक्कन की शिकायत नगर निगम कर्मचारियों से की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तीन माह पहले उन्होंने अपने खर्च पर ढक्कन को रिपेयर कराया था। इसके बाद किसी वाहन की वजह से ढक्कन फिर से टूट गया था। निगम की ओर से कोई कर्मचारी उसे देखने तक नहीं पहुंचा था।
हादसे के बाद जागा निगम, बंद कराया मैनहोल
बच्ची के गिरने के बाद नगर निगम के अधिकारी जागे। उन्होंने सोमवार को मैनहोल पर ढक्कन लगाकर उसे बंद कराया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने नगर निगम की टीम का विरोध किया। उन्होंने बच्ची के इलाज का खर्च उठाने की मांग की। इस विरोध की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। इसके बाद नगर निगम ने मैनहोल पर ढक्कन लगाया।
सीवर मेंटेनेंस करने वाली कंपनी और जेई को नोटिस जारी
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि ‘वन सिटी, वन ऑपरेटर’ योजना के तहत सीवर लाइनों, मैनहोल का मेंटेनेंस करना वीए टेक वबाग नाम की कंपनी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महाप्रबंधक जल आनंद त्रिपाठी का कहना है कि क्षेत्रीय अवर अभियंता अजय कुमार को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।