कांवड़ियों को सहूलियत, मार्ग से पीछे हटाई जाएंगी बेरिकेडिंग
गाजियाबाद। सावन में हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) कई कदम उठाएगा। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मेरठ तिराहे से लेकर मोदीनगर तक रैपिड रेल कॉरिडोर के कार्य के चलते जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए एनसीआरटीसी मार्ग को चौड़ा करने के लिए बैरीकेडिंग को थोड़ा पीछे हटाएगा। एनसीआरटीसी ने गुलधर स्टेशन के पास इसकी शुरुआत कर दी है।
सिविल संबंधी काम पूरा होने की दशा में मेरठ तिराहे से दुहाई के बीच कई स्थानों पर बैरीकेडिंग को हटाया जा सकता है। कांवड़ियों को मार्ग पर चलने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सड़क के अलाइनमेंट पर काम किया जा रहा है। ऐसे में मार्ग में जहां संभावना होगी, वहां उसे चौड़ा किया जाएगा। कांवड़ मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए एनसीआरटीसी की ओर से ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से कार्य किए जा रहे हैं।
रैपिड रेल कॉरिडोर के कार्य के चलते दिल्ली-मेरठ हाईवे का जिम्मा अभी एनसीआरटीसी के पास है। ऐसे में बारिश के कारण हुए गड्ढों को भरने और सड़क को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गड्ढों को भरने और मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य एक सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
रास्ते में लगाए जाएंगे वाटर बूथ
एनसीआरटीसी की ओर से मोदीनगर से लेकर मेरठ रोड तिराहे से भक्तों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर बूथ लगाए जाएंगे। वाटर बूथ पर कांवड़ियों को 24 घंटे ठंडे पानी की सुविधा मिलेेगी। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान रैपिड रेल कॉरिडोर में बड़ी मशीनों का प्रयोग मुख्य मार्ग पर नहीं किया जाएगा। यात्रा तक मशीनों का इस्तेमाल सड़क के साइड में किया जाएगा। इससे यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं पड़ेगा।
यू-टर्न पर मार्शल होंगे तैनात
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि हाईवे पर की गई बैरीकेडिंग को पीछे हटाने केसाथ वहां प्रकाश की व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। अतिरिक्त रोशनी का प्रबंधन होने से रात में भक्तों को परेशानी नहीं होगी। मार्ग में कई स्थानों पर यू-टर्न का निर्माण किया गया है। ऐसे में कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए यू-टर्न पर ट्रैफिक मार्शल की तैनाती की जाएगी।