ट्रेनें रद्द, बसें बढ़ाई नहीं.... यात्री बेबस
गाजियाबाद/साहिबाबाद। अग्निपथ पर भड़के आक्रोश के बाद बिहार और पूर्वांचल के जिलों में हुए बवाल के मद्देनजर ट्रेनें धड़ाधड़ रद्द की जा रही हैं। गाजियाबाद से होकर बिहार जाने वाली सभी 26 ट्रेनें रविवार को निरस्त कर दी गई हैं। इनसे होकर ही हजारों लोग पूर्वांचल जाते हैं। मजबूरी में यात्री बसों का रुख कर रहे हैं लेकिन यहां भी राह आसान नहीं है, घंटों इंतजार करना पड़ रहा है फिर भी जगह नहीं मिल रही। दरअसल, बसों की संख्या बढ़ाई नहीं गई है जबकि तीन दिन में इनके यात्री दोगुना से ज्यादा हो चुके हैं।
गाजियाबाद से होकर जाने वाली ट्रेनों में से तीन दिन में 80 रद्द हो चुकी हैं। इनमें ज्यादातर ट्रेनें वे हैं जो बलिया, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर होकर जाती हैं। बिहार के लिए दो दिन पहले तक इक्का-दुक्का ट्रेन चल रही थी लेकिन रविवार को ये भी रद्द कर दी गईं। रेलवे स्टेशन पर भीड़ टिकट निरस्त कराने वालों की ज्यादा है और बस अड्डे पर बस का इंतजार करने वालों की। कौशांबी, मोहननगर और साहिबाबाद बस स्टेशन पर दिन निकलते ही हजारों लोग पहुंच जाते हैं।
यह ट्रेनें रहीं निरस्त
सीमांचल एक्सप्रेस, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ सुपरफास्ट, महाबोधि एक्सप्रेस, नई दिल्ली-दरभंगा, नई दिल्ली-राजगीर एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, नई दिल्ली-पटना जनसाधारण एक्सप्रेस, नई दिल्ली-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस, नई दिल्ली-पटना एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रक्सौल एक्सप्रेस, नई दिल्ली-सहरसा एक्सप्रेस, नई दिल्ली-लिच्छवी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-सहरसा स्पेशल, नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस, अरुणाचल एक्सप्रेस, मालदा टाउन एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, नई दिल्ली-पुरी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-गुवाहाटी एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस।
210 यात्रियों ने निरस्त कराए टिकट
रविवार को 210 लोगों ने टिकट निरस्त कराए। पुराने रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट निरस्त कराने और अगली तारीख के लिए टिकट बुक कराने वालों की भीड़ रहीं। उधर, दो-तीन माह पहले कंफर्म टिकट बुक करा चुके यात्री सफर नहीं कर पाए। अधिकांश यात्री को मेसेज के जरिये ट्रेनों के निरस्तीकरण की सूचना मिल गई थी तो कई यात्रियों को स्टेशन पर पहुंचकर इसकी जानकारी मिली और वह लौट गए।
आप बीती
योगेश कुमार ने बताया कि परिवार के साथ गांव जाना था लेकिन ट्रेन निरस्त हो गई। अब टिकट निरस्त कराना पड़ा और सात दिन बाद का टिकट बुक कराया है।
बलराम सिंह ने कहा कि दो महीने पहले ट्रेन में टिकट बुक करा दिया था लेकिन अब नहीं जा पा रहे हैं। जगह-जगह विरोध की वजह से निरस्त की गई ट्रेन की वजह से अब दोबारा टिकट बुक कराने पड़े।
गौतम ने बताया कि सद्भावना एक्सप्रेस में रविवार का टिकट बुक था, स्टेशन पर पहुंचकर पता चला कि ट्रेन कैंसल कर दी गई। टिकट निरस्त कराकर नई तारीख के लिए टिकट बुक करा दिया है।
रेलवे स्टेशन पर रही कड़ी सुरक्षा
अग्निवीरों के प्रदर्शन की आशंका के चलते रेलवे स्टेशन पर रविवार को भी कड़ी सुरक्षा रही। आरपीएफ प्रभारी यशवंत सिंह और जीआरपी अधिकारियों ने सभी प्लेटफार्म और सर्कुलेटिंग एरिया में संयुक्त चेकिंग और गश्त की। वहीं, विजयनगर प्रवेशद्वार के पास विजयनगर थाना पुलिस ने और बजरिया साइड घंटाघर कोतवाली पुलिस मुस्तैद रही। स्टेशन के सभी फुटओवर ब्रिज पर आरपीएफ के जवान तैनात रहे।
बसों की संख्या नहीं बढ़ाई
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह का कहना है कि अभी किसी भी लंबे रूट पर बसों की अतिरिक्त संख्या नहीं बढ़ाई गई हैं। हालांकि बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसकी कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की जा रही है। यात्रियों की संख्या अनुरूप ही अतिरिक्त बसों को बढ़ाया जाएगा।