किशोरी से दुष्कर्म करने वाले वैन चालक को दस वर्ष कारावास
गाजियाबाद। स्कूल में पढ़ने गई छात्रा को उसकी मां के दुर्घटना में घायल होने का झूठा बहाना बनाकर साथ ले जाकर दुष्कर्म करने वाले दोषी वैन चालक को अदालत ने दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट एक के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से 7500 रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया कि 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा के पिता ने सिहानी गेट थाने में 22 अगस्त 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया था कि सिहानी गेट थाना क्षेत्र के एक स्कूल में पढ़ती थी। साहिबाबाद निवासी निजी शादाब के वैन में छात्रा स्कूल से घर आती-जाती थी। वह स्कूल की छुट्टी होने पर छात्रा के पास पहुंचा। उसने छात्रा से कहा कि उसकी मम्मी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया है। उन्होंने उसे तुरंत अस्पताल बुलाया है। यह झांसा देकर वह छात्रा को साथ लेकर गया। रास्ते में उसने छात्रा को पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, इससे वह बेहोश हो गई। शादाब ने साथी आलम के साथ मिलकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। एक सितंबर 2008 को छात्रा दिल्ली के दक्षिणी-पूर्वी जिले के गोविंदपुरी थानाक्षेत्र में बेहोशी ही हालत में मिली थी। जानकारी मिलने पर परिजन उसे घर ले गए, तब उसने घटना की जानकारी दी। छात्रा के पिता ने शादाब व आलम के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले के विचारण के दौरान आलम की फाइल अलग कर दी गई थी। शादाब के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने फैसला सुनाया।