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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले आठ पर रिपोर्ट दर्ज

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले आठ पर रिपोर्ट दर्ज
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में मुआवजा घोटाले में दो एफआईआर और सिहानी गेट थाने में दर्ज कराई गई है। मामले में तत्कालीन राजस्व कर्मी, सब रजिस्ट्रार समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जमीन के दस्तावेजों में कूटरचना कर हेरेफेर करने का मामला दर्ज किया गया है। इन पर गलत तथ्यों की कूटरचना कर 22 करोड़ से अधिक का मुआवजा लेने का आरोप है।
मामला 2016 का है। आरोप है कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए रसूलपुर सिकरोडा में निष्प्रभावी हो चुकी अशोक सहकारी समिति और अशोक सहकारी खेती समिति, अशोक गृह निर्माण समिति और अशोक संयुक्त सहकारी समिति का गठन कर दिल्ली के सफदरजंग एंक्लेव निवासी अरुण कुमार ने धारा थ्रीडी के लागू होने के बाद अपने बेटे गोल्डी और परिवार के लोगों, और अपने जानकारों के नाम जमीन का बैनामा कर 22 करोड़ से अधिक मुआवजा ले लिया। कुछ किसानों की शिकायत के बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया। एडीमएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि रसूलपुर सिकरोडा समेत दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे में जिन गांवों की जमीन गई है उन गांवों में मुआवजा घोटाले की जांच चल रही हैे। रसूलपुर सिकरोडा और मटियाला गांव के खसरा नंबरों की जांच के बाद पता चला कि अरुण कुमार और गोल्डी ने जिस समिति को गठित कर बैनामा किया वह समिति 1999 में समाप्त हो चुकी हैं। आरोपी ने जालसाजी कर समाप्त हो चुकी समिति की ओर से अपने परिवार और रिश्तेदारों व अपने लोगों को जमीन बैनामा कर करोड़ोें का मुआवजा ले लिया। अरुण ने फर्जी समिति बनाकर अपने परिवार रिश्तेदारों को सदस्य बनाकर गलत तरीके से मुआवजा लिया। समिति में मधुसूदन गुप्ता, शांति देवी, सत्या देवी, निर्मला देची, दीपचंद, लाजवंती, ज्ञानचंद, श्रवण कुमार, धर्मपाल, कुसुम, शशि गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, अरुण कुमार, सत्यपाल, रविंद्र कुमार और विपिन को सदस्य बनाया। इनमें से सत्या देवी की मौत हो चुकी है। सीलिंग से बचने के लिए फर्जी समिति गठित कर बैनामा कर मुआवजा घोटाला किया गया। 2012 में थ्रीडी लागू होने के बाद जमीन का बैनामा करने पर रोक थी।
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एडीएम प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच में तत्कालीन एडीएम एलए के कार्यालय में तैनात राजस्व कर्मी व सब रजिस्ट्रार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामले में जांच चल रही है। मुआवजे से संबंधित और भी घपले सामने आने की संभावना है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है उनमें अरुण कुमार, सफदरजंग दिल्ली, किसमिश कल्लूगढ़ी डासना, सुधाकर मिश्रा, तत्कालीन राजस्व कर्मी, सब रजिस्ट्रार, राजस्व कर्मी, फतेह मोहम्मद समेत अन्य आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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