63 वर्षीय गीता ने एक मिनट में जपे 39 मंदिरों के नाम
गाजियाबाद। गांधीनगर के रामनगर निवासी गीता गर्ग शहरवासियों के लिए मिसाल बनी हैं। 63 वर्षीय गीता गर्ग ने एक मिनट में 39 मंदिरों के नाम जपकर इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है। सिर्फ डेढ़ माह की ऑनलाइन कक्षा की बदौलत उन्होंने एक साथ दो उपलब्धि हासिल का शहर का मान बढ़ाया है। उनकी इस सफलता में 10 साल की धेवती स्वरा प्रेरणाश्रोत बनी।
स्वरा ने जनवरी 2021 में 40 सेकेंड में 15 भाषाओं के कठिन शब्द बोलकर इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। धेवती के प्रोत्साहन से गीता गर्ग ने बीते 15 मार्च को तैयारी शुरू की। धेवती की टीचर मेमोरी गुरु दीपा गोयल ने ऑनलाइन कक्षाएं लेनी शुरू की। फिर डेढ़ माह तक नियमित कक्षा, बताई गई तकनीक और घर पर अभ्यास की बदौलत उन्होंने एक साथ दो रिकॉर्ड अपने नाम किए।
पति-बच्चों को नहीं बताया, योग बताकर ली कक्षाएं
गीता गर्ग ने इंटरनेशनल रिकॉर्ड की तैयारी की जानकारी अपने पति अरुण कुमार और बेटे वरुण गर्ग, बहू हनी गर्ग के साथ बेटी रिचा अग्रवाल व दामाद मनीष अग्रवाल को भी नहीं दी। योग की ऑनलाइन कक्षाएं बताकर वह रिकॉर्ड की तैयारी में जुटी रहीं। फिर एक साथ दो उपलब्धि हासिल कर उन्होंने घरवालों को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आत्मविश्वास और कुछ करने का जज्बा मन में हो तो कुछ करने के लिए उम्र बाधक नहीं बनता है।
इन मंदिरों के जपे नाम
गीता गर्ग ने एक मिनट में अमरनाथ मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, दिलवाड़ा मंदिर, गंगोत्री मंदिर, गोमतेश्वर मंदिर, इस्कॉन मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, केदारनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, कांचीपुरम मंदिर, कामाख्यादेवी मंदिर, कालकाजी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, लिंगराज मंदिर, कमल मंदिर, मीनाक्षी मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर, नीलकंठ महादेव, नटराज मंदिर के नाम लिए।