20 दिन में रकम दोगुनी करने का लालच देकर 500 लोगों से ठग लिए 100 करोड़
गाजियाबाद। साइबर सेल ने मंगलवार को तीन ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है जो 20 दिन में रकम दोगुनी करने का लालच देकर चार साल में 500 लोगों से 100 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। इसके लिए लोगों के पास लिंक भेजकर सोने में निवेश करने के लिए कहते थे। झांसा देने के लिए डॉट गोल्ड नाम से एप बना रखा था। जो भी झांसे आकर उनके खाते में रकम जमा करा देता, एप पर 20 दिन में उसकी रकम दोगुनी करके दिखा देते। शर्त यह होती कि रकम तभी निकाली जा सकती है जब कम से कम 20 लाख का निवेश हो जाए। जो 20 लाख दे देता, उसकी एप आईडी ब्लॉक कर देते थे।
साइबर सेल नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सीतापुर निवासी दो भाई विवेक टंडन, विपल टंडन और उन्नाव निवासी अभिषेक रामदुलारे अग्निहोत्री हैं। ठगी के लिए सात साल से तीनों महाराष्ट्र में रह रहे थे। मध्य प्रदेश का निवासी आशीष गिरोह का सरगना है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस को इस गिरोह की जानकारी मधुबन बापूधाम निवासी सेवानिवृत्त अभियंता दीपेंद्र कुमार सिंघल के साथ 21.81 लाख की ठगी होने पर हुई। उन्होंने डॉट गोल्ड एप डाउनलोड कर दोगुनी मिलने के लालच में 16 बार में यह रकम जमा कराई। इसके बाद उनकी एप आईडी बंद करा दी गई तो उन्हें ठगी का पता चला।
खाते में मिले 80 लाख
शातिर अपराधी ठगी की रकम से बिटकॉइन खरीदते थे। पुलिस ने इनके पांच बैंक खातों में जमा 80 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। इनके पास से 10 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड, तीन मोबाइल, एक वोटर आईडी कार्ड, एक आरसी, एक डीएल, पांच हजार की नकदी और एक कार बरामद की है।
सात साल से कर रहे ठगी
यह गिरोह 2015 से ठगी कर रहा है। सोने में निवेश के नाम पर ठगी 2018 से शुरू की। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों सगे भाइयों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2018 में धोखाधड़ी करने के मामले में जेल भेजा था। यह गिरोह दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, तेलांगना सहित आठ राज्यों के लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
सरगना का हिस्सा 40 फीसदी
ठगी की रकम चार हिस्सों में बंटते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को 20.20 फीसदी दिए जाते थे। 40 फीसदी सरगना अपने पास रखता था। बैंक में खाते खुलवाने से लेकर लोगों को लिंक भेजने तक का काम सदस्य करते हैं। सरगना डाटा उपलब्ध कराता है।
सात साल से कर रहे अपराध
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों सगे भाइयों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2018 में धोखाधड़ी करने के मामले में जेल भेजा था। वहां से छुटने के बाद ये फिर से गिरोह बनाकर ठगी करने लगे। यह अंतर्राज्यीय गिरोह महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत अन्य शहरों में लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। तीनों 20 प्रतिशत कमीशन के आधार पर काम करते हैं।
दसवीं, 12 वीं पास हैं ठग
अभिषेक रामदुलारे अग्निहोत्री ने बीकॉम कर रखी है जबकि विवेक टंडन 12वीं और विपल 10वीं पास है। 10 वीं और 12वीं पास इन आरोपियों के झांसे में कई डॉक्टर, इंजीनियर आ चुके हैं। एप में रकम दोगुनी देख लोगों को इनकी बातों पर यकीन हो जाता था।