शहर के विकास का खाका तैयार, सुधरेंगी
सड़कों की दशा, गलियां भी होंगी चकाचक
गाजियाबाद। शहर के विकास के लिए नगर निगम की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है। सड़कों की दशा सुधारने से लेकर साफ सफाई पर भी पूरा फोकस किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नगर निगम शहर में सड़क, नाली, गलियों के निर्माण पर 189 करोड़ और साफ-सफाई पर 164 करोड़ रुपये खर्च करेगा। शुक्रवार को नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में 1367.82 करोड़ रुपये खर्च और 900.58 करोड़ की आमदनी के बजट पर सहमति की मुहर लग गई है। बजट में पेयजल आपूर्ति के लिए जलकल विभाग को 84.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नगर निगम ने बीते साल 946.59 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस साल करीब 421 करोड़ रुपये ज्यादा 1367.82 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में शुक्रवार सुबह 11 बजे महापौर आशा शर्मा की अध्यक्षता व नगर आयुक्त की मौजूदगी में हुई बैठक में सबसे पहले लेखाधिकारी ने बजट प्रस्तुत किया। पार्षदों ने इस पर सहमति दे दी। इसके बाद 13 अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से 10 प्रस्तावों को कार्यकारिणी समिति ने मंजूरी दे दी, जबकि तीन अन्य प्रस्तावों को नगर निगम की बोर्ड बैठक के लिए अग्रसारित कर दिया गया। कार्यकारिणी समिति के 12 सदस्यों में से 8 सदस्य भाजपा के थे, महज 4 सदस्य विपक्ष के थे। ऐसे में किसी प्रस्ताव पर विरोध नहीं हुआ। डीएम सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध भाजपा के ही सदस्यों ने किया था। इसकी वजह से इस प्रस्ताव को अब सदन में भेज दिया गया है।
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खर्च के लिए आवंटित की गई धनराशि =
विभाग आवंटित रकम
निर्माण 189.35 करोड़
साफ-सफाई 164.00 करोड़
जल आपूर्ति 84.55 करोड़
पथ प्रकाश 19.70 करोड़
उद्यान विभाग 37.00 करोड़
शिक्षा-पुस्तकालय 6.72 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन 2.36 करोड़
विधि विभाग 2.06 करोड़
नजारत 72.88 करोड़
ऋण भुगतान 163.50 करोड़
सरकारी अनुदान से कार्य 625.75 करोड़
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कुल बजट 1367.82 करोड़
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गृहकर और स्मार्ट पार्किंग का निर्णय अब निगम सदन के हवाले
गाजियाबाद। सर्किल रेट के आधार पर गृहकर का निर्धारण करने और शहर में स्मार्ट इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट पार्किंग सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव को निगम की कार्यकारिणी समिति से मंजूरी नहीं मिल सकी है। यह दोनों प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड बैठक के लिए अग्रसारित कर दिए गए हैं। अब नगर निगम सदन इन दोनों प्रस्तावों पर निर्णय लेगा।
नगर निगम के संपत्ति कर विभाग और पार्किंग विभाग ने दोनों प्रस्ताव बनाकर कार्यकारिणी बैठक में पेश किए थे। सर्किल रेट के आधार पर गृहकर का निर्धारण करने के प्रस्ताव का कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने विरोध किया। समिति के सदस्य व भाजपा पार्षद राजकुमार नागर ने जनता पर बोझ न बढ़ाए जाने की बात कहकर इस प्रस्ताव को निरस्त किए जाने की मांग की। इस पर महापौर आशा शर्मा ने प्रस्ताव को निरस्त न करके नगर निगम की बोर्ड बैठक में पेश करने को कहा। शहर में स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के प्रस्ताव पर सदस्यों और महापौर ने किसी एक कंपनी को कांट्रेक्ट देने पर एतराज जताया। इस पर नगरायुक्त ने इसे जोन वार लागू करने और हर जोन में अलग टेंडर जारी करने की बात कही। कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव को भी सदन के लिए अग्रसारित कर दिया। अब इन दोनों प्रस्तावों पर आगामी बोर्ड बैठक में चर्चा होगी।