लिफ्ट में फंस गया हूं...मुझे बाहर निकालो
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी में रविवार रात अचानक लिफ्ट खराब हो गई। लिफ्ट के अंदर एक डिलीवरी ब्वाय करीब आधे घंटे तक फंसा रहा। उसने चिल्लाकर लोगों को लिफ्ट में फंसने की जानकारी दी।
सोसायटी के लोगों का कहना है कि टावरों में लगी अधिकांश लिफ्ट मेंटेनेंस के अभाव में अक्सर चलते-चलते बंद हो जाती हैं। कई बार लोग यहां लिफ्ट में फंस चुके हैं। बिल्डर से शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। रविवार को रात करीब नौ बजे सोसायटी में लगा ट्रांसफार्मर फुंक गया। सोसायटी निवासी सचिन शर्मा ने बताया कि करीब नौ बजे सोसायटी के एक फ्लैट में खाना डिलीवर करने युवक आया था। वापस जाते जे-ब्लॉक की लिफ्ट से नीचे उतर रहा था तभी लिफ्ट खराब हो गई। रात के समय लोग अपने अपने फ्लैटों में थे, गार्ड भी नहीं था। युवक के चिल्लाने की आवाज लोगों ने सुनी और दौड़कर लिफ्ट के पास पहुंचे और लोहे के रॉड से लिफ्ट का गेट तोड़कर उसे बाहर निकाला। बाहर निकलने के बाद युवक बेहोशी की हालत में था। थोड़ी देर आराम करने के बाद वह वहां से चला गया। निवासी रोहित गौर ने बताया कि पहले भी लिफ्ट बीच में फंस चुकी है। पिंटू ने बताया कि यहां पर कुल 17 टावर हैं। इनमें छह टावरों में एक-एक लिफ्ट लगी है। एक केबल पर कई-कई फ्लैटों को कनेक्शन दिया गया है। बैकअप की भी ठीक व्यवस्था नहीं है। कई बार बिल्डर से लिफ्ट के मेंटेनेंस कराने को कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रविवार रात को ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद रात चार बजे तक लाइट नहीं रही। इस दौरान सोसायटी के लोगों ने डीजल की व्यवस्था कर जेनरेटर से बिजली ली।
पांच दिन बाद भी नहीं किया कोई काम, बेसमेंट में भरा है गंदा पानी
लोगों का कहना है कि सोसायटी में लटक रहे बिजली के तार और बेसमेंट में भरे गंदे पानी से कभी भी हादसा हो सकता है। अक्सर बिजली के तारों में स्पार्किंग होती रहती है। सोसायटी के लोगों ने बिल्डर के खिलाफ पिछले हफ्ते चार दिन तक धरना दिया। बिल्डर ने पेयजल, बिजली, गंदगी की समस्या को 10 दिन के अंदर दूर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। सोयायटी निवासी कमल ने बताया कि पांच दिन बीत चुके हैं अभी तक बिल्डर की ओर से कोई काम नहीं कराया गया है। अवनीश का कहना है कि यदि समस्या दूर न हुई तो सोसायटी के लोग जीडीए दफ्तर में धरने पर बैठेंगे।