घरों पर नोटिस चस्पा करने का विरोध, रेलवे इंजीनियर के कार्यालय पर किया प्रदर्शन
गाजियाबाद। गोशाला अंडरपास और कैला भट्ठा क्षेत्र में 40-50 साल पुराने बने मकानों को अब सरकारी जमीन पर बने हुए बताकर चस्पा किए गए नोटिस के विरोध में लोगों में आक्रोश है। प्रभावित लोगों ने सोमवार को क्षेत्रीय पार्षद जाकिर सैफी के नेतृत्व में पहुंचकर रेलवे के सहायक मंडलीय अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मकान न तोड़े जाने या इनकी एवज में लोगों को अन्य जगह विस्थापित किए जाने की मांग की है। उन्होंने डीएम को भी ज्ञापन दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 1943 में ही गाजियाबाद से पाकिस्तान जाने वाली रेल लाइन को बंद कर दिया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे यहां बस्ती बस गई। रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत से ही यहां मकान बने हैं। कई लोग मकान को बेचकर जा चुके हैं, अब लाखों रुपये देकर मकान खरीदने वालों इन्हें खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों परिवारों को बेघर करने की योजना तैयार की जा रही है। क्षेत्रीय पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि रमजान, नवरात्र, ईद उल फितर के त्योहार शुरू होने वाले हैं, अब त्योहारों में गरीब लोगों को बेघर करने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहानुभूति पूर्वक विचार कर इन प्रभावित परिवारों को पहले दूसरी जगह पर विस्थापित किया जाए, तब जमीन खाली कराई जाए। उन्होंने कलक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन दिया है। वहीं रेलवे अधिकारियों ने जमीन के कागजात लाकर दिखाने के लिए कहा है।