पीएम आवास की जांच करने गए डूडा के जेई को कमरे में बंद कर पीटा
गाजियाबाद। पीएम आवास के लाभार्थी की जांच करने सुदामापुरी गए डूडा (जिला विकास नगरीय अभिकरण) के अवर अभियंता जमशेद रिजवान को दबंगों ने कमरे में बंद कर पीटा। सरिया मारकर उसका सिर फोड़ दिया। उसके सिर में कई टांके आए हैं। आरोप है कि पिटाई करने वाले लोगों ने हथियार के बल पर उससे रिश्वत लेने की बात कुबूल कराई और वीडियो भी बना लिया। पीड़ित इंजीनियर ने दो आरोपियों को नामजद कर तहरीर दी है।
मूलरूप से बरेली के रहने वाले जमशेद रिजवान एक सर्वेयर कंपनी के जरिए डूडा में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। बीती 18 फरवरी को ही हापुड़ से ट्रांसफर के बाद वह यहां पहुंचे हैं। जमशेद ने बताया कि पीएम आवास योजना के मकान का निर्माण पूरा होने के बाद अंतिम किस्त ट्रांसफर करने से पहले मकान की जांच की जा रही है। औचक निरीक्षण करने वह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गए थे। शहर में नई पोस्टिंग होने की वजह से उन्हें क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी नहीं थी। मदद के लिए उसने पूर्व में सर्वे करने वाले क्षेत्र के ही एक व्यक्ति को फोन किया। इसके बाद वह लाभार्थी कृष्ण ठाकुर के घर पर पहुंचा और जांच की। उसने गलत सूचना देकर पीएम आवास योजना का लाभ लिया है। यह बात कहने पर वह उसे पास में बैठे कुछ अन्य लोगों के पास यह कहकर ले गया कि वह मेरे भैया हैं, उनसे भी मिल लें। उनके पास जाते ही वहां बैठे युवकों ने उसे पीटना शुरू कर दिया और पास ही एक गोदाम में ले जाकर शटर बंद कर दिया। उन्हें डंडों और सरिया से मारा। सरिया सिर में लगने से वह लहूलुहान हो गया। उन्होंने मारने की धमकी देकर वीडियो बनाया और छोड़ दिया।
चार घंटे बाद भी दर्ज नहीं की रिपोर्ट
रिजवान जमशेद का कहना है कि वह शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो वहां अधिकारियों ने तहरीर तो ले ली, लेकिन उसे टहलाते रहे। वह रिपोर्ट दर्ज नहीं करना चाह रहे थे। मेडिकल होने के बाद जब सिर में टांके आए तो पुलिस ने रात करीब साढ़े 9 बजे तहरीर की रिसीविंग दी। उन्होंने रविवार को रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
बयान
मारपीट का मामला है। स्थानीय लोगों ने डूडा कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - योगेंद्र मलिक, एसएचओ, विजयनगर
शासन स्तर से मकानों की जांच कराई जा रही है। रिश्वत मांगने का आरोप गलत है। अगर ऐसा था भी तो सरकारी सर्वे करने गए इंजीनियर को पीटने की बजाय इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करते, सिर में रॉड मारकर जानलेवा हमला करना गलत है। - संजय पथेरिया, परियोजना अधिकारी, डूडा