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हिंदी फिल्मों पर पाश्चात्य सभ्यता का पड़ रहा प्रभाव : रघुबीर यादव

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मीडिया 360 कार्यक्रम में शामिल होते एक्टर रघुवीर यादव। संवाद
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हिंदी फिल्मों पर पाश्चात्य सभ्यता का पड़ रहा प्रभाव : रघुबीर यादव
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गाजियाबाद। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन ने नेहरूनगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टिज स्कूल में रविवार को कथा संवाद का आयोजन किया, जिसमें अभिनेता रघुबीर यादव और साहित्यकार ममता कालिया मौजूद रहीं। इस दौरान डॉ भावना कुंअर के तांका संग्रह ‘यादों के गांव’ पुस्तक का विमोचन किया गया। रघुबीर यादव ने कहा कि हिंदी फिल्मों पर पाश्चात्य देशों की सभ्यता संस्कृति हावी हो रही है। आज की पीढ़ी दो दूनी चार की तरह जिंदगी बसर कर रही है। जिसके चलते हम अर्थ तंत्र का शिकार होकर रह गए हैं।
रघुबीर ने कहा कि पाश्चात्य देशों की सभ्यता की नकल के बजाए अपने देश के साहित्य, संस्कृति लोक कलाओं पर फिल्में बनें तो जनता पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हमारा साहित्य विश्व श्रेणी का है लेकिन हम अंग्रेजी साहित्य और नाटकों की नकल करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कथाकार ममता कालिया ने किया। उन्होंने कहा कि कथा संवाद में पढ़ी गई कहानियां रिश्तों को नई गर्माहट दे रही हैं। कोविड काल में मानवीय रिश्ते हाशिए पर चले गए थे जिन्हें बचाने के लिए रिश्तों का नए सिरे से बुना जाना आवश्यक है।
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उन्होंने उभरते साहित्यकारों से कहा कि पाठकों की पसंद के लिहाज से रचनाएं रची जाएं तो ज्यादा प्रभावशाली होंगे। कथाकार सिनीवाली, मनु लक्ष्मी मिश्रा, डॉ बीना शर्मा, शिवराज सिंह, गार्गी कौशिक, रविंद्रकांत त्यागी और सुभाष अखिल की कहानियों पर अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, सुभाष चंदर, अतुल सिन्हा, आलोक यात्री, रिंकल शर्मा, मीना झा ने अपने विचार रखे। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंद गुलशन, प्रगीत कुंअर, वागीश शर्मा, बीएल बतरा, अशोक वासुदेव, तिलक राज अरोड़ा, पराग कौशिक, अध्यक्ष शिवराज सिंह, संरक्षिका डॉ. माला कपूर, उपाध्यक्ष सुभाष चंदर आदि मौजूद रहे।
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