सवारी बनकर बैठते थे, लूट लिए 200 ई-रिक्शा
गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच और सिहानी गेट पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर में सवारी बनकर बैठते हैं और विश्वास में लेकर कोल्ड ड्रिंक व जूस में नशे के पदार्थ देकर ई-रिक्शा लूट लेते हैं। लूट के बाद ई-रिक्शा चालक को सुनसान इलाके में फेंक कर फरार हो जाते हैं। पुलिस गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जो दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के जिलों में 200 ई-रिक्शा लूट चुके हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई चार ई-रिक्शा, नशे की गोली, थ्री व्हीलर और बाइक बरामद की है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि रजा मस्जिद के सामने लोनी निवासी अबरार उर्फ कल्लू मूल निवासी बुगरासी स्याना बुलंदशहर, अंकुर विहार डीएलएफ निवासी सलीम उर्फ टोला, कब्रिस्तान के पास लोनी निवासी आजम उर्फ नदीम, नसबंदी कॉलोनी लोनी निवासी शाहिद, बाबूनगर लोनी निवासी रहमत, चौहान बांगर गड्ढे वाली मस्जिद सीलमपुर दिल्ली निवासी सलमान, गुलाब वाटिक लोनी बॉर्डर निवासी उमाशंकर राठौर और हाजी बांडे के खेत मुस्ताफाबाद दिल्ली निवासी डॉ. वकील को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह की महिला साथी खजूरी दिल्ली निवासी सरोज फरार है। गिरोह के सदस्यों पर गाजियाबाद में ही 71 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के सरगना अबरार और रहमत हैं।
सिहानी गेट थाना प्रभारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि जहरखुरानी गिरोह में कुल 14 सदस्य हैं। इनमें से सचिन, तसलीम, छोटू उर्फ दिलीप को दिल्ली पुलिस, मनीष को बागपत पुलिस और अमजद को खुर्जा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
खुर्जा में 10 से 15 हजार रुपये में अमजद को बेचते थे लूटी हुई ई-रिक्शा
पूछताछ में बताया कि ई-रिक्शा लूट के बाद वह गिरोह में शामिल खुर्जा निवासी अमजद को बेचते थे। इसके बदले में उससे 10 से 15 हजार रुपये लेते थे। अमजद रिक्शा के पार्ट्स अलग-अलग करके बेच देता था।