घर बैठे बनेगा लर्निंग लाइसेंस, नहीं आना होगा आरटीओ दफ्तर
गाजियाबाद। अब लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह फेसलैस कर दी गई है, जिससे ऑनलाइन आवेदन करने के बाद सारी प्रक्रिया भी घर बैठे कंप्यूटर से हो जाएगी।
लर्निग लाइसेंस की ऑनलाइन प्रक्रिया कोविड काल में शुरू की गई थी। शुरूआत में हर रोज 360 आवेदकों को स्लॉट दिए जाते थे। धीरे-धीरे इन्हें कम करके 180 स्लॉट प्रतिदिन कर दिया गया था। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदकों को दिए गए स्लॉट पर आकर अपने फोटो और बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन कराना होता था। कई बार सर्वर डाउन होने से आवेदकों को दो-तीन चक्कर काटने पड़ जाते थे। फेसलैस होने से लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया तीन से चार दिन में पूरी हो जाएगी। इसके लिए सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद प्रपत्र अटैच करने के बाद विभाग द्वारा स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घर बैठे अपने लैपटॉप या जन सेवा केंद्र पर जाकर अपनी फोटो और आधार वेरिफिकेशन के साथ ही लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लर्निग लाइसेंस के लिए हर रोज 800 से 1000 लोग आवेदन करते हैं लेकिन स्लॉट कम होने की वजह से तीन महीने के बाद का स्लॉट दिया जाता है। फेसलैस होने से लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एआरटीओ प्रणव झा ने बताया ऑनलाइन के साथ ही फेसलैस व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन लोगों में जागरूकता के अभाव में लर्निग लाइसेंस के लिए पूरी तरह लागू नहीं किया गया था। फेसलैस होने से संसाधन और समय की बचत होगी। साथ ही आवेदकों को सहूलियत होगी।