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ब्रांडेड के नाम पर बेच रहे थे घटिया बैट, तीन गिरफ्तार

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ब्रांडेड के नाम पर बेच रहे थे घटिया बैट, तीन गिरफ्तार
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गाजियाबाद। नंदग्राम पुलिस ने ब्रांडेड के नाम पर घटिया बैट बनाकर बचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को सेवानगर से गिरफ्तार किया, जो लोकल बैट खरीदकर उस पर ब्रांडेड कंपनी के स्टीकर लगाकर बेचते थे। पुलिस ने मौके पर 2159 बैट और 1181 स्टीकर भी बरामद किए हैं। शातिरों ने बैटों की दुकान फ्लिपकार्ट, अमेजन समेत अन्य शापिंग साइटों पर भी सजा रखी थीं। गिरोह में तीन सगे भाई हैं, जिसका सरगना 12वीं पास दीपक है। पुलिस के मुताबिक, घटिया बैट का कारोबार 2020 से नंदग्राम के सेवानगर में दो मकानों में चलाया जा रहा था।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गुरुग्राम की ब्रांडेड बैट की कंपनी के अन्वेषण अधिकारी सोमित सिंह की शिकायत पर पुलिस ने नंदग्राम सेवानगर मकान नंबर 1172 और 856 में छापा मारा, जहां लोकल बैट पर एसजी, एसएस, एमआरएफ, वुल्फ प्राइड और स्पैरोन कंपनी के स्टीकर लगे बैट बरामद हुए। ब्रांडेड बैट की कीमतों पर ऑनलाइन साइट के जरिये इन बैटों को बेचना का कारोबार किया जा रहा था। मौके से सेवानगर निवासी दीपक, अभिषेक और ज्योतिनगर दिल्ली निवासी सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके पासे से 2159 बैट और 1181 स्टीकर बरामद किए गए हैं। सेवानगर निवासी दीपक के भाई आकाश, अविनाश और मेरठ के सूरजकुंड निवासी सुरेंद्र फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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मेरठ से लाते थे कच्चा माल
पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह कच्चा माल मेरठ से लाते थे। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने सूरजकुंड मेरठ निवासी सुरेंद्र को दे रखी थी। दिल्ली निवासी सुरेंद्र कुमार ऑर्डर डिलीवरी करने का काम करता था। पुलिस का कहना है कि सुरेंद्र कुमार को फ्लिपकार्ट कंपनी का डिलीवरी ब्वाय व एजेंट बताया जा रहा है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, दीपक, अभिषेक, आकाश और अविनाश बैट पर स्टीकर लगाने और ऑनलाइन साइट पर ऑर्डर लेने का काम करते हैं।
250 का बैट 2500 रुपये में बेचते थे
बताया जाता है कि गिरोह 2020 से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जो लोकल बैटों पर ब्रांडेड कंपनियों के स्टीकर लगाकर अब तक लाखों रुपये का मुनाफा कमा चुका है। वे मेरठ से 250 रुपये में बैट लेकर आते थे। यहां लाने के बाद उस पर ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर लगाकर उसे 2500 रुपये तक की कीमत पर बेचते थे।
लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद शुरू किया फर्जीवाड़ा
नंदग्राम थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि दीपक, आकाश और अविनाश सगे भाई हैं। इनके साथी अभिषेक ने सिविल से बीटेक किया है, जो एक कंपनी में नौकरी करता था। दीपक भी छोटी मोटी नौकरी करता था। लॉकडाउन में नौकरी छूटने के बाद दीपक ने अपने भाइयों और परिचित मेरठ निवासी सुरेंद्र, दिल्ली निवासी सुरेंद्र शर्मा व नंदग्राम निवासी अभिषेक के साथ मिलकर अच्छा मुनाफा कमाने के लिए यह फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया।
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पांच फर्म बनाकर कर रहे थे कारोबार
पूछताछ में पता चला कि दीपक और उसके साथियों ने यश इंटरप्राइजेज, लक्ष्य इंटरप्राइजेज, लविका इंटरप्राइजेज, अविनाश टेक्नोलाजी, आयरन स्पाट्र्स एलाइट इंटरप्राइजेज नाम की फर्म बना रखी थी। जिनके माध्यम से पूरे देश में फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
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