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164 अनफिट स्कूली बसों को भी दे दिया फिटनेस प्रमाण पत्र

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164 अनफिट स्कूली बसों को भी दे दिया फिटनेस प्रमाण पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी। गाजियाबाद। डासना स्थित फिटनेस सेंटर पर नियमों की अनदेखी कर 164 स्कूली बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र दे दिया। परिवहन विभाग की टीम के निरीक्षण के दौरान इन बसों में ग्रिल, सीटें, सीसीटीवी संबंधी कमियां पाईं गईं। इनमें से आधी बसों में जीपीएस सिस्टम नहीं लगा था। अब तक करीब 300 स्कूली बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया है, जिसमें से आधी से अधिक एक बार फिर अनफिट हो गईं हैं।
परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत अनफिट बसों को जब्त करने के साथ ही स्कूलों में जाकर भी बसों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने स्कूल की 1899 अनफिट बसों में से 1463 बसों का निरीक्षण किया। फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद भी कई बसों में ग्रिल के बीच की दूरी अधिक रखते हुए दो या तीन ग्रिल लगाकर खानापूर्ति कर दी गई। वहीं आपातकालीन खिड़की के पास भी बच्चों के बैठने के लिए सीट लगा दी गई। बसों में सीसीटीवी लगाए बिना फिट होने का प्रमाणपत्र दिखाया गया।
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स्कूलों की दिए कड़े निर्देश
एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि फिटनेस प्रमाण पत्र होने के बाद भी अनफिट होने पर स्कूल संचालकों को कड़ी हिदायत देते हुए बसों को नियमानुसार फिट करने के बाद ही सड़कों पर उतारने के निर्देश दिए हैं। बिना सुधार किए सड़क पर पाए जाने पर बसों को जब्त कर लिया जाएगा।
फिटनेस के लिए शर्ते
- बस में खिड़कियां पर शीशे इस तरह लगे हों, कि सांस लेने में परेशानी न हो
- खिड़कियां शीशों से पैक न हो, साथ ही जाली भी न लगी हो
- ग्रिल खिड़की के दो-तिहाई भाग में लगी हो, प्रत्येक ग्रिल के बीच की दूरी पांच इंच से अधिक न हो
- बस में आपातकालीन खिड़की केतल की ऊंचाई एक फीट से अधिक न हो
- आपातकालीन खिड़की के दो फीट दायरे में कोई भी सीट न लगी हो
- सीसीटीवी कैमरा एसी जगह लगा हो, जहां से पूरी बस का दृश्य दिखता हो
- जीपीएस सिस्टम लगा हो
- बसों का रंग पीला हो
सांठगांठ कर हासिल किया प्रमाण पत्र
डासना स्थित फिटनेस सेंटर पर हर रोज 25 से 30 बसें पहुंचती हैं। बसों की वीडियोग्राफी कर सभी मानकों का निरीक्षण कर ही आगे कम्प्यूटराइज्ड मशीनों से बस को चेक करने के लिए भेजा जाता है। यहां पर छोटी से छोटी कमी को भी ट्रैक कर लिया जाता है। एसे में स्कूल संचालकों ने समय बचाने के लिए फिटनेस सेंटर संचालकों से सांठगांठ कर फिटनेस पत्र हासिल कर लिया ।
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फिटनेस सेंटर के तकनीकी अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि फिटनेस सेंटर से सभी मानकों के पूरा होने के बाद ही प्रमाण पत्र दिया जाता है। प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद मिली कमी के लिए बस चालक या संचालक ही जिम्मेदार हैं।
परिवहन विभाग द्वारा सीज बसें-63
परिवहन विभाग द्वारा काटे गए चालान-70
यातायात पुलिस द्वारा सीज बसें-22
यातायात पुलिस द्वारा काटे गए चालान-95
कुल सीज बसें-85
स्कूल संचालकों की लापरवाही पर लापरवाही
-परिवहन विभाग ने 165 स्कूलों को बसों को फिट कराने के लिए दो बार नोटिस दिया
- हादसे के बाद बसों को जब्त करने के साथ स्कूलों में जाकर संचालकों से बसों को फिट कराने के निर्देश दिए
-परिवहन विभाग के अधिकारियों और स्कूल संचालकों की मीटिंग में भी स्कूल संचालकों को जागरूक किया गया
-इसके बाद भी नियमों को अनदेखा कर हासिल की फिटनेस
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