10 चालान के बाद भी तोड़ रहे नियम, ऑटो चालकों पर हुई कार्रवाई
गाजियाबाद। ऑटो चालकों में परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस का न तो डर है और न ही नियमों की बंदिश। 10 ऑनलाइन चालान होने के बावजूद ऑटो चालक सड़कों पर यातायात नियम तोड़ रहे हैं। मंगलवार को संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया तो 3 सवारियों वाले ऑटो में 7 सवारियां बैठी मिलीं। ऑटो चालक बिना फिटनेस, टैक्स और प्रदूषण के सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं।
बिना फिटनेस के जिले में दौड़ रहे 9 हजार ऑटो की खबर को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मंगलवार को एआरटीओ मनोज मिश्रा द्वारा ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया गया। उन्होंने टैक्स जमा न करने और प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने पर 4 ऑटो चालकों का चालान कर दिया। वहीं बार-बार ऑनलाइन चालान होने के बाद भी जमा नहीं करने पर एक ऑटो को सीज कर दिया। इस दौरान कई ऑटो चालकों को निर्धारित यूनिफॉर्म न पहनने पर हिदायत देकर छोड़ दिया गया। एआरटीओ का कहना है कि नियमों को तोड़कर दौड़ रहे ऑटो चालकों पर कार्रवाई का यह अभियान जारी रहेगा।
अभियान चला तो ऑटो चालकों ने बदला रास्ता
लाल कुआं पर ऑटो के दस्तावेजों चेकिंग शुरू होते ही चालकों के बीच संदेश प्रसारित हो गया। लालकुआं पर रोककर सवारियां भरने वाले ऑटो चालकों ने रास्ता बदल लिया तो कई चालक चेकिंग देख बीच रास्ते से ही सवारियों को उतारकर घर लौट गए। धीरे-धीरे सड़क से ऑटो की संख्या कम हो गई। सड़क पर सन्नाटा सा पसर गया। देर शाम तक नियमों को पूरा करने वाले ऑटो चालक ही सड़क पर नजर आए।
ई-रिक्शा की भरमार
जिले में करीब 16 हजार ऑटो हैं, जिन्हें परमिट लेने के बाद टैक्स, फिटनेस का शुल्क जमा करने पर सड़क पर चलने की अनुमति मिलती है। वहीं 6 हजार ई-रिक्शा संचालित हैं, जिनके रूट और सवारियों के संबंध में कोई नियम तय नहीं हैं। इन पर परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं होने से ई-रिक्शा चालक मनमानी कर कहीं भी खड़े हो जाते हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है। शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन, पुराना बस अड्डा और विजयनगर में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। इनकी वजह से गोशाला अंडरपास में अक्सर जाम लगने लगा है। ट्रैफिक पुलिस भी नियम तोड़ने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई नहीं करती है।