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ब्लैक फंगस के 48 नए केस मिले

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ब्लैक फंगस के 48 नए केस मिले
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गाजियाबाद। जिले में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने के बाद भी अंजान बने रहे स्वास्थ्य विभाग अब ब्लैक फंगस के मरीजों की सूची तैयार की है। शुक्रवार शाम तक विभाग को निजी अस्पतालों में भर्ती 48 मरीजों की जानकारी मिली। अधिकारियों का कहना है कि अगर सरकारी अस्पताल में मरीज आते हैं तो उनके इलाज की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी सरकारी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए अलग से वार्ड नहीं बनाया गया है।
जिले में ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है, इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने नहीं कि है। 48 मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों से ली है। इनमें से 24 मरीज हर्ष ईएनटी होस्पिटल, 17 मरीज मैक्स अस्पताल, पांच मरीज यशोदा अस्पताल और दो मरीज पल्मोनिक अस्पताल में भर्ती हैं। ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर अगर स्वास्थ्य विभाग की तैयारयों की बात की जाए तो न अस्पतालों में वार्ड बने हैं और न ही दवाओं का इंतजाम है। ब्लैक फंगस की दवाएं काफी महंगी हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सरकारी दवाएं लेने के लिए मंडलायुक्त के यहां प्रार्थना पत्र देना होगा, वहां से फाइल अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य के पास जाएगी। इसके बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को फाइल भेजकर मरीज की पुष्टि कराई जाएगी। इसके बाद फाइल वापस अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य के पास जाएगी। तब मरीज को तीन दिन की दवा देने की संस्तुति की जाएगी। इसके बाद मरीज के परिवारीजनों को रेडक्रॉस संस्था में दवा के पैसे जमा करवाने होंगे, तब उन्हें दवा मिलेगी। अभी तक सरकारी स्तर पर जिले में ब्लैक फंगस की दवाएं नहीं भेजी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले आने पर संतोष मेडिकल कॉलेज और रामा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए मरीज को भर्ती कराया जाएगा।
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दवाओं के लिए शासन को लिखा है पत्र : स्वास्थ्य विभाग ने शासन को ब्लैक फंगस की दवाओं के लिए पत्र लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि पोसाकोमाजोल, एम्फोटेरिसिन और इसावकुनाजोल के लिए डिमांड भेजी है। शासन से अभी लाइपोसोमल और इम्पलशन इंजेक्शन के संबंध में गाइड लाइन जारी की गई है। शनिवार तक दवाओं के उपलब्ध होने की संभावना है।
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ब्लैक फंगस को लेकर अस्पतालों से जानकारी ली गयी है। मरीजों की स्थिति पर अस्पताल विभाग को अपडेट करेंगे। दवाएं आने पर मरीजों को शासन के निर्देशानुसार उपलब्ध उपलब्ध कराई जाएंगी। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
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