कोविड अस्पताल में 10, कंट्रोल रूम में 18 डॉक्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण काल में डॉक्टरों के सही जगह पर काम न कर पाने के कारण भी मरीजों को परेशानी हो रही है। कोविड लेवल-2 संयुक्त अस्पताल में इस समय सिर्फ 10 डॉक्टर कार्यरत हैं। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। वहीं, कोविड कंट्रोल रूम में 18 डॉक्टर तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोविड कंट्रोल रूम में डाक्टरों की ड्यूटी जिलाधिकारी द्वारा लगाई गई है, कौन विरोध करे। यही नहीं सीएचसी पीएचसी पर सिर्फ कोरोना से बचाव का टीकाकरण हो रहा है, लेकिन वहां के डॉक्टरों की भी ड्यूटी कहीं नहीं लगाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि कोविड कंट्रोल रूम में डॉक्टर के बजाए अन्य स्टॉफ भी फोन से कोविड मरीजों की जानकारी लेने के साथ ही उनकी काउंसलिंग कर सकते हैं। इसके बावजूद डॉक्टरों को तैनात किया गया है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शासन ने गाइड लाइन जारी किया है कि पोस्ट कोविड मरीजों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां मरीजों के घर तक पहुंचाई जाएं या अस्पताल के सेंटर से वितरित की जाए, लेकिन अधिकांश डॉक्टर कोरोना कंट्रोल रूम विकास भवन में ड्यूटी दे रहे हैं, ऐसे में दवाई कैसे उपलब्ध कराई जाए।
कोविड अस्पताल लेवल-2 संजय नगर में इस समय सिर्फ 10 डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अस्पताल के जानकारों का कहना है कि अधिकांश डॉक्टर सिर्फ गायनी ओटी में बैठकर पर्चे पर दवाई लिखकर ही भर्ती मरीजों का इलाज कर रहे हैं। महज तीन डॉक्टरों को छोड़ दिया जाए तो एक भी डॉक्टर वार्ड में भर्ती मरीजों की स्थिति जानने नहीं जाते। ऐसे में अगर कोविड कंट्रोल रूम के डॉक्टरों की नियुक्ति कोविड अस्पताल में कर दी जाए तो मरीजों के इलाज में सहूलियत होगी।
कई डाक्टर मेडिकल लीव पर लंबे समय से हैं। उनकी बीमारी की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था। इसके अलावा डॉक्टरों की कमी के बारे में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। फिर भी जो डॉक्टर हैं, उनकी मदद से मरीजों के बेहतर उपचार का प्रयास किया जाता है। -डॉ. संजय तेवतिया, सीएमएस कोविड लेवल-2 संजय नगर
सीएचसी व पीएचसी के डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड नियंत्रण में लगाई गई है। कोविड लेवल-2 में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। कंट्रोल रूम में डॉक्टरों की नियुक्ति जिलाधिकारी द्वारा की गई है। उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। -डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ