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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को घंटों घुमाने वाले एसएचओ सस्पेंड

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सस्पेंड एसएचओ। - फोटो : GHAZIABAD City
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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को घंटों घुमाने वाले एसएचओ सस्पेंड
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गाजियाबाद। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को सीमा विवाद में घंटों घुमाने वाले मसूरी एसएचओ राघवेंद्र सिंह को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सस्पेंड कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे। इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह पर उक्त घटना में लापरवाही बरतने तथा पीड़िता के थाने पहुंचने पर उच्चाधिकारियों को अवगत न कराने का आरोप है। राघवेंद्र सिंह पर इससे पहले भी कई मामलों में लापरवाही बरतने का आरोप है। एसएसपी ने लिंक रोड थाने के एसएचओ शैलेंद्र प्रताप सिंह को मसूरी थाने का प्रभारी बनाया है।
बता दें कि इंदिरापुरम क्षेत्र केएक मॉल में नौकरी करने वाली युवती गत बृहस्पतिवार रात को ड्यूटी से लौट रही थी। विजयनगर बाईपास आकर वह लालकुआं के लिए ऑटो में बैठी। उसमें चालक समेत चार लोग थे। एक युवक रास्ते में उतर गया। इसके बाद चालक व दो अन्य लोग उसे लालकुआं ओवरब्रिज के ऊपर से ही ले जाने लगे। विरोध करने पर युवती का मुंह बंद कर उसे जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता जैसे-तैसे रात साढ़े 11 बजे मसूरी थाने पहुंची, लेकिन कार्रवाई की बजाय मसूरी पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। चार घंटे तक पीड़िता को यहां से वहां घुमाया और फिर पिलखुवा क्षेत्र में घटना होने की बात कही। तड़के करीब साढ़े 3 बजे मसूरी पुलिस ने हापुड़ पुलिस को सूचना दी। इस पूरे प्रकरण में गौर करने वाली बात यह है कि मसूरी एसएचओ राघवेंद्र सिंह ने उच्चाधिकारियों को घटना की कोई सूचना नहीं दी। इसी लापरवाही के चलते एसएसपी ने शनिवार को राघवेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया।
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हत्या, गोकशी को लेकर सुर्खियों में था मसूरी थाना
बीते कुछ दिनों से मसूरी थाना सुर्खियों में था। हत्या व लूट के खई मामलों के बाद बीते दिनों लगातार दो दिन एक ही स्थान पर गोकशी की घटना ने पुलिस को सवालों के घेरे में ला दिया था। इसके बाद सामूहिक दुष्कर्म मामले में लापरवाही सामने आई। शुक्रवार को कल्लूगढ़ी में भाईयों के विवाद में गोली लगने से पड़ोसी की मौत हो गई। इसके अलावा अधिकारियों के निरीक्षण में मसूरी एसएचओ कई बार गायब भी मिले। तमाम लापरवाही को देखते हुए मसुूरी एसएचओ को सस्पेंड किया गया है।
हापुड़ पुलिस भी टरकाती रही, उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
सामूहिक दुष्कर्म मामले में मसूरी पुलिस के साथ-साथ हापुड़ पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पीड़िता के थाने पहुंचने के बाद मसूरी पुलिस ने मौका-मुआयना किया तो घटनास्थल पिलखुवा का निकला। अधिकारियों का कहना है कि मसूरी पुलिस ने कई बार हापुड़ को सूचना दी, लेकिन वह टरकाती रही। आखिरकार, वायरलेस सेट पर सूचना दी गई, जिसके बाद हापुड़ पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि हापुड़ पुलिस की इस लापरवाही के इस संबंध में मंडल स्तरीय पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी गई है।
शैलेंद्र प्रताप सिंह बने एसएचओ मसूरी
मसूरी एसएचओ को निलंबित करने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने लिंक रोड एसएचओ शैलेंद्र प्रताप सिंह को मसूरी थाने का एसएचओ बनाया है। शैलेंद्र प्रताप सिंह लिंक रोड थाने में एक साल का कार्यकाल पूरा कर चुके थे। इसी तरह सालभर का कार्यकाल पूरा करने वाले एसएचओ टीला मोड़ रण सिंह को लिंक रोड थाने का प्रभारी बनाया है। हाल में ही इंस्पेक्टर बने कविनगर थाने के अतिरिक्त एसएचओ हरिओम सिंह को निवाड़ी थाने का एसएचओ बनाया है। निवाड़ी थाने के एसएचओ ओमप्रकाश आर्य को टीला मोड़ थाने का एसएचओ बनाया है
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मसूरी एसएचओ राघवेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है। उन्होंने कई मामलों में लापरवाही बरती। उनके स्थान पर नए एसएचओ को तैनाती दे दी गई है। इसके अलावा तीन अन्य थानों के एसएचओ भी बदले गए हैं।
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