शादी की जिद पर अड़ी युवती तो मार डाला, एक साल बाद राज खुला
गाजियाबाद। एक साल से लापता चल रही नंदग्राम के दीनदयालपुरी निवासी निशा उर्फ अनामिका (20) के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस के रिकॉर्ड में अभी तक लापता चल रही निशा को पिछले साल ही मौत के घाट उतार दिया गया था। एक साल बाद घटना का खुलासा करते हुए सिहानी गेट पुलिस ने शनिवार को निशा के दोस्त राधेश्याम कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से थाना कटैया, जिला गोपालगंज बिहार के गांव गौरा निवासी राधेश्याम फिलहाल साहिबाबाद थानाक्षेत्र के अर्थला में किराए पर रहता है। पूर्व में वह नंदग्राम में रहता था, जहां उसकी दोस्ती निशा से हो गई थी। निशा उस पर शादी का दबाव डाल रही थी, लेकिन विवाहित होने के कारण उसने पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या कर दी।
सिहानी गेट एसएचओ कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि 18 फरवरी 2020 को नंदग्राम निवासी निशा उर्फ अनामिका संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग न लगने पर परिजनों ने 20 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने नंदग्राम के ही एक युवक पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने युवक को हिरासत में पूछताछ की तो वह बेकसूर निकला, जिसके बाद उसे क्लीनचिट दे दी गई। पुलिस और परिजन निशा की तलाश में खाक छानते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, 23 फरवरी को निशा का शर्व अर्थला में रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। साहिबाबाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। उस समय उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। जिसके चलते उसकी फोटो सुरक्षित रखकर लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शनिवार को फोटो देखकर परिजनों ने शिनाख्त की।
चैटिंग ने खोला हत्याकांड
इसी बीच पुलिस को निशा के व्हॉट्सएप और फेसबुक मैसेंजर पर एक राधेश्याम नाम के युवक की चैट मिली। 17 फरवरी की चैट में राधेश्याम ने निशा को मिलने के लिए 18 फरवरी को बुलाया हुआ था। पुलिस ने फोटो के जरिये निशा के परिजनों से राधेश्याम की पहचान कराई तो पता चला कि वह पहले नंदग्राम में ही रहता था, लेकिन बाद में अर्थला में जाकर रहने लगा था। राधेश्याम विजयनगर क्षेत्र की एक कंपनी में प्राइवेट जॉब करता था। पुलिस ने उसकी खोजबीन की तो पता चला कि राधेश्याम बिहार चला गया है।
अपनी ही बातों में फंस गया राधेश्याम
पुलिस के मुताबिक पुलिस राधेश्याम की तलाश में थी। शनिवार को सूचना मिली कि वह पुराने बस अड्डे के पास मौजूद है। घेराबंदी कर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ करने पर शुरू में उसने पुलिस को गुमराह करने लगा। उसने बताया कि वह शादीशुदा है और निशा से उसकी दोस्ती थी। वह उस पर शादी का दबाव डाल रही थी। 18 फरवरी 2020 को वह उससे मिलने अर्थला आ गई। राधेश्याम ने पुलिस को यह कहकर गुमराह किया कि शादी से इंकार पर निशा ने उसी के कमरे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अपनी इसी बात में राधेश्याम फंस गया, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंासी की बजाय सिर में चोट से मौत की बात सामने आई थी। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो राधेश्याम ने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि पहले से विवाहित होने के कारण उसे निशा से पीछा छुड़ाना था। इसी के चलते उसने उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया। हत्या के बाद वह बिहार फरार हो गया था।