पेड़ के नीचे छिपाई थी छुरी
उसे वारदात के अगले दिन 22 मई को सुबह 11: 30 बजे रेलवे स्टेशन रोड पर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से सतीश गोयल के घर से लूटे गए गहने और नकदी बरामद हुई। उसके बैग में मिले कपड़ों पर खून लगा मिला। उसकी निशानदेही पर धोबीघाट के पास से पेड़ के नीचे छिपाई गई वह छुरी मिली जिससे उसने हत्याकांड किया था। उसके खिलाफ घंटाघर कोतवाली में नामजद रिपोर्ट सतीश गोयल के दामाद सचिन मित्तल ने दर्ज कराई थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा और संजय त्यागी ने बताया कि उसके खिलाफ 28 गवाह और 98 सुबूत पेश किए गए। इनके आधार पर उसे 30 जुलाई को दोषी करार दे दिया गया था। सजा के लिए एक अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई थी।
राहुल का कृत्य समाज में भय व आक्रोश उत्पन्न करने वाला
अपने 56 पेज के आदेश में सजा सुनाते हुए जज निर्मल चंद्र सेमवाल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियुक्त के पक्ष में कोई हल्की परिस्थिति नहीं बनती है। सभी परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्त के विरुद्ध उत्तेजक परिस्थितियां काफी हैं। उसके पक्ष में हल्की परिस्थिति नगण्य है। उत्तेजक परिस्थिति का पलड़ा हल्की परिस्थिति से काफी भारी है।
उन्होंने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से एक ही परिवार के सात लोगों जिनमें मासूम बच्चे भी थे, की छुरी से गला काट कर हत्या की गई है। ऐसे कृत्य से समाज में भय तथा आक्रोश उत्पन्न होगा। लोगों को समाज में शांतिपूर्ण तरीके से जीवनयापन करना दूभर हो जाएगा। यह गुनाह विरल से विरलतम श्रेणी का है। इसके लिए मृत्युदंड दिया जाता है।