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चुनाव में फायदा लेने को जिपं प्रत्याशी ने ही कराई थी भतीजे की हत्या 20-49-23

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चुनाव में सहानुभूति लेने को जिपं प्रत्याशी ने ही कराई थी भतीजे की हत्या
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गाजियाबाद/मोदीनगर। गत 18 अप्रैल को भोजपुर थानाक्षेत्र के गांव कनकपुर में 28 वर्षीय लाखन की हत्या उसी के चाचा व जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी बलराम तोमर उर्फ बंटी ने कराई थी। वह गांव का प्रधान भी रह चुका है। बंटी ने लाखन की हत्या उसी के सगे जुड़वा भाइयों लोकेश और सुखपाल से कराई। पुलिस के मुताबिक बंटी को शक था कि उसका भतीजा लाखन चुनाव में उसका विरोध करेगा। इसी के चलते उसने लोकेश के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। घटना के दौरान लोकेश ने जुड़वा भाई सुखपाल को भी शामिल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को गिरफ्तार कर खून से सने कपड़े, सरिया और आलाकत्ल बरामद कर लिया गया है। वहीं, चुनाव हार चुका बंटी अभी फरार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि लाखन शराब पीने का आदी था। उसकी इससे परिवार के लोग परेशान रहते थे। लाखन का चाचा बंटी वार्ड नंबर-2 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहा था। बंटी को शक था कि विरोधी खेमे के लोगों के साथ मिलकर लाखन चुनाव में उसका विरोध कर रहा है। जिसके चलते उसे हार का मुंह देखना पड़ सकता है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि लाखन के दो छोटे व जुड़वा भाई लोकेश व सुखपाल हैं। लाखन की पत्नी के साथ लोकेश के संबंध थे। बंटी ने इसका फायदा उठाया और चुनाव में हार से बचने के लिए लाखन को रास्ते से हटाने के लिए लोकेश को राजी कर लिया। लाखन शराब पीकर गाली-गलौच करता था, जिससे रंजिश मानकर बंटी ने उसकी हत्या के लिए उसी के भाई लोकेश को 50 हजार रुपये देने का लालच दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि वह उसका कुछ नहीं बिगड़ने देगा।
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हत्या कराकर खुद तहरीर दी, विरोधियों को नामजद कराया
एसपी ग्रामीण ने बताया कि भतीजे लाखन की हत्या का आरोप विरोधियों पर मंढने की योजना बंटी ने पहले ही तैयार कर ली थी। लाखन की हत्या कराने के बाद बंटी में खुद ही भोजपुर थाने में तहरीर दी। चुनाव में फायदा लेने के लिए अपने राजनीतिक विरोधी धर्मेंद्र समेत तीन लोगों को मुकदमे में नामजद कराया। इतना ही नहीं, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर दबाव डाला। लाखन के हत्यारोपी भाइयों व अन्य परिजनों को साथ लेकर दो बार पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। बंटी ने आईजी, एडीजी से मिलकर पुलिस पर नामजद आरोपियों को रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप भी लगाया। सोशल मीडिया पर भी वह पुलिस को बदनाम कर रहा था।
खुद को चश्मदीद बताकर अपनी ही बातों में फंस गया बंटी
लाखन की हत्या में बंटी खुद मुकदमे का वादी बना। उसने खुद को घटना का चश्मदीद बताया। तहरीर में लिखा कि नामजद आरोपियों ने उसके सामने लाखन की हत्या की है। पुलिस ने नामजद आरोपियों की लोकेशन निकाली तो वह दूसरे गांव में मिली। इसी बात पर पुलिस का माथा ठनका और बंटी की गतिविधियां नोटिस करनी शुरू कर दी। संदेह होने पर पुलिस ने लाखन के दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने गुनाह कबूल कर लिया।
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एक भाई ने घेर का ताला तोड़ा, दूसरे ने गला रेता
पुलिस के मुताबिक लाखन की हत्या गांव में ही रहने वाले सुखपाल के बंद पड़े घर में ले जाकर की थी। हत्यारोपी भाई सुखवाल ने सरिए से घर के मेन गेट पर लगा ताला तोड़ा और लाखन ने धारदार हथियार से लाखन का गला रेता था। हत्या के दौरान लाखन ने विरोध किया था। इस दौरान लोकेश की शर्ट भी फट गई। साथ ही उसके कपड़े भी खून से सन गए थे। घर आकर लोकेश ने खून साफ करने के लिए 10 से 15 बार अपने कपड़े धोए थे।
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