एक मरीज से 10 में पहुंच रहा कोरोना
- सीएमओ बोले-पहली और दूसरी लहर के मुकाबले ढाई गुना अधिक रफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना की पहली लहर में किसी संक्रमित के मिलने पर उसके संपर्क वाले तीन या चार लोग संक्रमण का शिकार होते थे। 2021 अप्रैल-मई में भी कोरोना के दौरान संपर्क वाले चार से पांच लोग चपेट में आते थे, लेकिन अब तीसरी लहर में एक मरीज से औसतन 10 लोगों को कोरोना दे रहा है। सीएमओ का कहना है कि पहली और दूसरी लहर के मुकाबले इस बार संक्रमण फैलने की रफ्तार ज्यादा तेज है।
कोरोना की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पिछली दोनों लहर के मुकाबले चिकित्सा ज्यादा इंतजाम किए हैं। संक्रमितों के लिए अस्पतालों और बेड की संख्या बढ़ाई गई है। पहली लहर में लोग 14 से 15 दिन में संक्रमण मुक्त हो रहे थे। दूसरी लहर में भी मरीजों को 15 दिन का समय संक्रमण मुक्त होने में लगा। जबकि पोस्ट कोविड के मामले अधिक सामने आए थे, लेकिन इस बार लोग सात दिन में ही संक्रमण मुक्त हो रहे हैं। गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों में भी अब तक किसी तरह के पोस्ट कोविड लक्षण नहीं हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि पहली लहर तीन महीने, दूसरी लहर दो महीने तक प्रभावी रही। अधिकारियों का अनुमान है कि तीसरी लहर का प्रभाव एक महीने अधिक रह सकता है। उन्होंने कहा कि जिले में बेड से लेकर ऑक्सीजन तक के पूरे इंतजाम हैं। टीकाकरण होने के कारण गंभीर मामले बहुत ही कम हैं।
जिले की संक्रमण दर 10.62
गाजियाबाद में संक्रमण की दर भी बढ़ रही है। एक जनवरी को 0.14 फीसदी संक्रमण की दर थी, जो 14 दिन में बढ़कर 10.62 फीसदी हो गई है। जनवरी में हर दिन कोरोना संक्रमण की दर में इजाफा हो रहा है।
संक्रमण फैलने का खतरा ढाई गुना अधिक
तीसरी लहर में औसतन एक संक्रमित 10 लोगों तक कोरोना दे रहा है, लेकिन 10 का मतलब यह नहीं कि सिर्फ 10 ही लोग संक्रमित हो रहे हैं। एक संक्रमित से पूरा-पूरा कैंपस भी संक्रमित हो रहा है। पहली और दूसरी लहर के मुकाबले संक्रमण फैलने की रफ्तार ढाई गुना अधिक है। लोग अधिक से अधिक टीकाकरण कराएं, खासकर 15 से 18 वर्ष की आयु और बुजुर्ग समय पर टीका लगवा लें।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ