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गाजियाबाद उपचुनाव परिणाम: दूसरी बार नाकाम रहा अखिलेश का दलित कार्ड, यहीं से पिछड़ गई थी सपा, 12 की जमानत जब्त

Sun, 24 Nov 2024 08:13 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

सपा की हार की एक और वजह चुनाव के लिए पहले से तैयारी न करना भी रही। उप चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन में ऐन वक्त तक तैयारी कांग्रेस कर रही थी। कांग्रेस से 10 से ज्यादा टिकट दावेदार थे।
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गाजियाबाद उपचुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सिंहराज जाटव को टिकट देकर जो दलित कार्ड चला, वह कारगर साबित नहीं हुआ। सपा की मंशा दलित-मुस्लिम समीकरण बनाने की लग रही थी लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। सदर सीट पर दलित और मुस्लिम वोटरों की संख्या मिलाकर एक लाख से ज्यादा है। इनके अलावा यादव भी हैं। सपा का कांग्रेस से गठबंधन भी है। इसके बावजूद सपा को वोट 28 हजार से कम मिले हैं।

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यह लगातार दूसरी बार है जब अखिलेश यादव का दलित कार्ड चल नहीं पाया है। इससे पहले उन्होंने 2022 में भी विशाल वर्मा को टिकट दिया था। तब भाजपा के अतुल गर्ग ने विशाल वर्मा को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। अतुल गर्ग को 1,50,205 और विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले थे। सिंहराज को विशाल से भी कम वोट मिले हैं।

सिंहराज जाटव लाइनपार क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय बसपा में अहम पदों पर रहे हैं। इसलिए, सपा नेताओं को लग रहा था कि वह लाइनपार में सबसे आगे रहेंगे और दलित वोटों को अपनी ओर कर पाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

कांग्रेस से नहीं बन पाया तालमेल
सपा की हार की एक और वजह चुनाव के लिए पहले से तैयारी न करना भी रही। उप चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन में ऐन वक्त तक तैयारी कांग्रेस कर रही थी। कांग्रेस से 10 से ज्यादा टिकट दावेदार थे। माना जा रहा था कि सदर सीट से कांग्रेस ही लड़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नामांकन शुरू होने से ठीक पहले तय हुआ कि सपा लड़ेगी। इसके बाद कांग्रेस और सपा के संगठन में तालमेल नहीं बन पाया।

प्रचार में पिछड़ गई थी सपा
भाजपा के मुकाबले सपा चुनाव प्रचार में पिछड़ गई थी। जहां सीएम योगी भाजपा के लिए वोट मांगने चार बार आए, वहीं सपा से अखिलेश यादव सिर्फ एक बार आए। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, कोई जनसभा नहीं की। कांग्रेस से कोई बड़ा नेता सपा के लिए नहीं आया। लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश और राहुल गांधी एक साथ गाजियाबाद आए थे लेकिन इस बार यह जोड़ी साथ नजर नहीं आई।

इतिहास नहीं दोहरा पाई सपा
बीस साल पहले इसी सदर सीट पर उप चुनाव हुआ था। उसमें सपा ने जीत हासिल की थी। इस इतिहास को सपा दोहरा नहीं पाई। 2004 के उप चुनाव की एक जीत के अलावा सपा यहां हर चुनाव में हारी है। हार की इस शृंखला में एक और कड़ी जुड़ गई है।

2004 का नतीजा
प्रत्याशी, दल, मिले मत

सुरेंद्र कुमार मुन्नी, सपा, 64,173
सतीश त्यागी, कांग्रेस, 52,715
सुनीता दयाल, भाजपा, 44,324
मुनीश शर्मा, बसपा, 42,162

12 की जमानत जब्त आठ नोटा से भी हारे
गाजियाबाद। गाजियाबाद सदर सीट के विधानसभा उपचुनाव में कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। आठ प्रत्याशी ऐसे रहे जो नोटा से कम वोट हासिल कर सके। सिर्फ भाजपा और सपा उम्मीदवार की ही जमानत राशि बच सकी।

इनकी जमानत हुई जब्त
प्रत्याशी                    दल                                           मिले मत
परमानंद गर्ग             बसपा                                        10,736
गयारीन अहिरवार      राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस पार्टी             174
धर्मेंद्र सिंह                 राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य)        99
पवन                        सम्राट मिहिर भोज समाज पार्टी       89
पूनम                        हिंदुस्थान निर्माण दल                   3676
रवि कुमार                एआईएमआईएम                         6536
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रवि कुमार पांचाल     सुभांष पार्टी                                 131
सत्यपाल चौधरी        आजाद समाज पार्टी (कांशी राम)     6304
मिथुन जायसवाल      निर्दलीय                                      99
रूपेश चंद्र               निर्दलीय                                     226
विनय कुमार शर्मा     निर्दलीय                                     250
शमशेर राणा            निर्दलीय                                     251
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