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मूली उखाड़ने खेत गईं सास-बहू की मौत: युवती के सामने गई मां और भाभी की जान, बचाने के चक्कर में खुद झुलसी

Tue, 20 Oct 2026 10:15 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद

सार

सुबह करीब छह बजे थान सिंह की पत्नी सत्यवती (50), बहू रूबी (21) और बेटी देवश्री खेत में मूली उखाड़ने गई थीं। खेत में एलटी लाइन का तार टूटा पड़ा था। रूबी खेत में पहुंचीं तो तार उनकी गर्दन से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गईं। बहू को बचाने के लिए सत्यवती ने तार हटाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं।
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सास सत्यवती और बहू रूबी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर गांव में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के ठेकेदार की लापरवाही ने दो महिलाओं की जान ले ली, जबकि एक युवती झुलस गई। तीनों सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन टूटने से करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाएं सास-बहू थीं और खेत में मूली लेने गई थीं।

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ट्रिपिंग सिस्टम पर उठे सवाल
ऊर्जा निगम के अवर अभियंता ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचा। लाइन टूटने के बाद विभाग को सूचना भी नहीं दी गई। अवर अभियंता ने जीडीए के ठेकेदार अंकित गोयल और जेसीबी चालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। 

सोमवार रात टूटी लाइन की जानकारी ऊर्जा निगम को मंगलवार सुबह हादसे के बाद करीब सुबह आठ बजे मिली। इससे निगरानी के साथ ट्रिपिंग सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बदायूं का है परिवार, यहां ठेके पर जमीन लेकर कर रहा खेती
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मूलरूप से बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के खिरिया बारखपुर गांव निवासी थान सिंह परिवार के साथ पिछले तीन वर्षों से भोवापुर में केडीपी गोल चक्कर से गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर झुग्गी में रह रहे हैं। उन्होंने मोरटी के एक किसान से भोवापुर में ही जमीन ठेके पर लेकर सब्जी की खेती कर रखी है।

बहू को बचाने में गई सास की जान
नंदग्राम थाना क्षेत्र के भोवापुर गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे थान सिंह की पत्नी सत्यवती (50), बहू रूबी (21) और बेटी देवश्री खेत में मूली उखाड़ने गई थीं। खेत में एलटी लाइन का तार टूटा पड़ा था। रूबी खेत में पहुंचीं तो तार उनकी गर्दन से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गईं। बहू को बचाने के लिए सत्यवती ने तार हटाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं। मां और भाभी को तड़पता देख देवश्री उन्हें बचाने दौड़ीं। इसी दौरान तार उनके पैर से छू गया और वह दूर जा गिरीं।

बांस से हटाया तार
देवश्री के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांस की मदद से तार हटाया और तीनों को संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सत्यवती और रूबी को मृत घोषित कर दिया, जबकि देवश्री को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बदायूं रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।

अवर अभियंता का आरोप, शटडाउन लिए बिना हो रहा था निर्माण कार्य
ऊर्जा निगम के अटौर सबस्टेशन के अवर अभियंता आकाश रस्तोगी ने बताया कि भोवापुर में भट्ठा संख्या पांच के पास इन दिनों सड़क निर्माण हो रहा है। सोमवार रात जेसीबी चालक ने पहले बिजली के खंभों पर मशीन का पंजा मारा और फिर मशीन तारों से टकरा गई। इससे दोनों तरफ की लाइन टूट गई। उनके मुताबिक, बिजली लाइन के नजदीक काम करने से पहले नियमानुसार शटडाउन लिया जाना चाहिए था। लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद भी ऊर्जा निगम को तत्काल सूचना नहीं दी गई। समय रहते सूचना मिल जाती तो बिजली आपूर्ति बंद कर हादसे को रोका जा सकता था। अवर अभियंता ने बताया कि घटना देखने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

250 करोड़ के बिजनेस प्लान के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ऊर्जा निगम की ओर से विद्युत संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए 2025-26 के बिजनेस प्लान में 250 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च की जा रही है। इसके बावजूद विद्युत लाइनों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। भोवापुर में रात में लाइन टूटने के बाद भी समय रहते सूचना नहीं मिल सकी। ऐसे में यह जांच का विषय है कि लाइन टूटने के बाद आपूर्ति स्वत: बंद करने वाली ट्रिपिंग व्यवस्था ने काम क्यों नहीं किया और कंट्रोल रूम को समय पर जानकारी क्यों नहीं मिली? ऊर्जा निगम के जेई आकाश रस्तोगी ने बताया कि एलटी लाइन के तार अलग-अलग होने के कारण ट्रिपिंग नहीं हो सकी। हालांकि, ट्रिपिंग सिस्टम की तकनीकी स्थिति, लाइन टूटने के बाद आपूर्ति जारी रहने की वजह और निगरानी व्यवस्था की भूमिका स्पष्ट होने के लिए विभागीय जांच जरूरी है।
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चार माह पहले हुई थी रूबी की शादी
थान सिंह ने बताया कि छोटे बेटे शिवम की शादी चार माह पहले ही रूबी से हुई थी। दो माह पहले वह बहू को गाजियाबाद लेकर आए थे। रूबी घर के कामकाज में हाथ बंटाने लगी थीं। परिवार की आजीविका सब्जी की खेती पर निर्भर थी। उन्होंने खेत में पालक, मूली और लौकी समेत अन्य सब्जियां उगा रखी थीं। पत्नी, बहू और बेटी सुबह खेत से सब्जियां तोड़कर ई-रिक्शा में भर देती थीं। इसके बाद शिवम मंडी में सब्जियां बेचने जाता था। मंगलवार सुबह भी तीनों इसी काम के लिए खेत में गई थीं।
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