रेजिडेंट्स की ओर से दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए एनजीटी ने संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई। कौशांबी में समस्याओं का निपटारा सही तरीके से न होने से खफा एनजीटी ने जीडीए सचिव और नगर आयुक्त को 13 मई को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
इलाके में सीवर लाइन और नाला न बनाने के मामले में शुक्रवार को एनजीटी में सुनवाई हुई। इसमें जीडीए के सचिव और नगर आयुक्त को कोर्ट में आकर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
कौशांबी की टूटी सड़क, नालों के निर्माण और सीवर लाइन न डालने को लेकर कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) ने एनजीटी में याचिका दाखिल की हुई है। रेजिडेंट्स अभी भी सड़क और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रहे हैं।
कारवा के अध्यक्ष वीके मित्तल ने बताया कि इस संबंध में जीडीए और नगर निगम से लगातार समाधान की मांग की जा रही थी। मगर दोनों विभाग एक- दूसरे का मामला बताकर काम को टाल रहे हैं।