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सत्ता के गलियारे तक पहुंचा जीडीए सीलिंग का मामला

Fri, 09 Jun 2017 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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सील करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। जनता को ‘फील गुड’ का अहसास कराने का दावा करने वाले भाजपा के विधायक-मेयर ही अब खुद ‘फील बैड’ का अहसास करने लगे हैं। मामला जीडीए की सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई का है। अवैध और नक्शा विपरीत बने निर्माणों पर चलने वाले जीडीए के बुलडोजर ने भाजपाइयों की नींद उड़ा दी है।
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यही कारण है कि पिछले दिनों गाजियाबाद के चार विधायकों और मेयर ने इस मामले को लेकर लखनऊ में गुहार लगाई। जीडीए में वीसी पद संभालने के बाद से ही महिला आईएएस कंचन वर्मा ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू कर दी है। 

पिछले दिनों जीडीए ने नंदग्राम में जहां भाजपा पार्षद की अवैध रूप से काटी जा रही कालोनी पर जीडीए ने बुलडोजर चला दिया था, वहीं राजनगर एक्सटेंशन में भी एक भाजपा नेता के गोदाम का ध्वस्त कर दिया था।
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पिछले दिनों यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भाजपा नेता दिनेश गोयल के मेरठ रोड स्थित आरकेजीआईटी कालेज में पहुंचे थे। वहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक की थी। इसके अगले ही दिन जीडीए ने आरकेजीआईटी में निर्माणाधीन हॉस्टल की इमारत पर भी सीलिंग की कार्रवाई कर दी।

डिप्टी सीएम के जाते ही भाजपा नेता के कालेज पर हुई जीडीए की यह कार्रवाई शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी को लेकर चार दिन पहले ही वसुंधरा गेस्ट हाउस में शहर विधायक एवं खाद्य-रसद मंत्री अतुल गर्ग, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा एवं लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के साथ ही महापौर अशु वर्मा की बैठक हुई। इसी बैठक के नतीजे के बाद सभी विधायक और महापौर सीधे लखनऊ पहुंचे।

जनप्रतिनिधियों के इस प्रतिनिधिमंडल ने गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। फिलहाल उन्हें क्या आश्वासन मिला है, इसकी तो जानकारी नहीं है, मगर माना जा रहा है कि जीडीए की कार्रवाई अब कुछ ठंडी पड़ सकती है।
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