गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र निवासी मां-बेटे से कारोबार में निवेश के नाम पर 12 प्रतिशत ब्याज देने का झांसा देकर 1.32 करोड़ रुपये ऋण के रूप में लेकर हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि समय पूरा होने के बाद रकम लौटाने के बजाय टालमटोल करने लगे। मामले में कविनगर सी-ब्लॉक निवासी राकेश शर्मा ने कविनगर थाने में विनय शर्मा, महेश शर्मा, भव्य अरोड़ा और साहदेव के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पीड़ित राकेश शर्मा के मुताबिक उन्होंने और उनकी 78 वर्षीय मां कृष्णा शर्मा ने अक्तूबर 2024 में पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित नेशनल फोर्जिंग्स कंपनी को ऋण दिया था। कंपनी में विनय शर्मा, महेश कुमार शर्मा, भव्य अरोड़ा और साहदेव साझेदार थे। समझौते के अनुसार कंपनी को दी गई रकम पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाना था। उन्होंने 33 लाख रुपये और उनकी मां कृष्णा शर्मा ने एक करोड़ दो लाख पचास हजार रुपये कंपनी को दिए थे। मार्च 2026 में कंपनी के एक साझेदार विनय शर्मा के रिटायर होने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने बहाने बनाकर टालना शुरू कर दिया। पहले बताया गया कि भुगतान के लिए जारी किए गए चेक दूसरे साझेदार अपने साथ ले गए हैं। इसके बाद चेक का स्टॉप पेमेंट कराने के लिए ई-मेल कराने को कहा गया। आरोप है कि सात अप्रैल 2026 को महेश कुमार शर्मा ने उनके खाते में केवल तीन लाख रुपये भेजे और भरोसा दिया कि बाकी पूरी रकम जल्द ही आरटीजीएस के माध्यम से वापस कर दी जाएगी। बाद में आरोपियों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालनी शुरू कर दी और उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। एसीपी का कहना है कि शिकायत के आधार पर सात अगस्त को केस दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।