मुरादनगर। कन्नौजा गांव में रविवार शाम नाम के आगे ‘भाई’ न लगाने जैसी मामूली बात पर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में घर में घुसकर जानलेवा हमले तक पहुंच गया। दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। पथराव भी हुआ। करीब 30 मिनट तक गांव में अफरा-तफरी मची रही। संघर्ष में 57 वर्षीय किसान देवेंद्र शर्मा समेत छह लोग घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
एसीपी सुनील कुमार ने बताया कि घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
‘सोनू भाई’ नहीं कहा तो शुरू हुई गाली-गलौज
अंकित शर्मा ने बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे वह अपने चाचा देवेंद्र शर्मा के साथ जा रहे थे। रास्ते में पड़ोसी सोनू शर्मा खड़ा था। अंकित ने उसे देखकर कहा, सोनू ठीक है। आरोप है कि नाम के आगे ‘भाई’ नहीं जोड़ने पर सोनू गाली-गलौज करने लगा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया और दोनों को घर भेज दिया। परिजनों ने विवाद बढ़ने की आशंका में अंकित को घर के अंदर कर दरवाजा बंद कर दिया था।
आरोप है कि इसके बाद सोनू ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ देर बाद धारदार हथियार और लाठी-डंडों से लैस हमलावर अंकित के घर में घुस गए। आरोप है कि घर में तोड़फोड़ करने के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। बचाव में दूसरा पक्ष भी सामने आ गया। देखते ही देखते दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। करीब आधे घंटे तक गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
दो घायलों की हालत गंभीर
संघर्ष में अंकित, देवेंद्र, मनीष, सचिन और दूसरे पक्ष के सोनू व मोहित घायल हो गए। ग्रामीणों ने सभी को मोदीनगर के निजी अस्पताल पहुंचाया। मनीष और सचिन की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतक देवेंद्र के परिवार में पत्नी लक्ष्मी, 11 वर्षीय बेटा कृष्णा, आठ वर्षीय आयुष और 14 वर्षीय बेटी बुलबुल हैं। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
एक सप्ताह पहले बाइक टकराने पर हुआ था विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले से भी विवाद चल रहा था। करीब एक सप्ताह पहले मोहित और अंकित पक्ष के सचिन के बीच बाइक टकराने को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी रंजिश की आग मामूली विवाद के बाद फिर भड़क गई। ग्रामीणों के अनुसार, सोनू पक्ष के मोहित पर पहले से मारपीट के मुकदमे दर्ज हैं।