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Ghaziabad News: गांजा तस्करों ने की थी साथी और उसकी प्रेमिका की हत्या

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गाजियाबाद। ओडिशा से गांजा तस्करी कर एनसीआर क्षेत्र में बेचने वाले गिरोह का नगर कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने पुलिस मुखबिरी के शक में अक्तूबर में अपने ही साथी की हत्या कर दी थी। हत्या को हादसा दर्शाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। हत्या के चार दिन बाद साथी की प्रेमिका की भी हत्या कर शव शिकोहाबाद नहर में फेंक दिया था। हालांकि युवती का अभी शव नहीं मिला है। पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने दो बदमाश गिरफ्तार कर लिए हैं, जबकि दो अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
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डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि 15 अक्तूबर की रात को नगर कोतवाली क्षेत्र की हिंद काॅलोनी के सामने रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। पोस्टमार्टम के बाद अज्ञात में पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। छह नवंबर को परमात्मा प्रसाद निवासी प्रहलादगढ़ी इंदिरापुरम ने शव की शिनाख्त अपने बेटे (26) लाल सिंह के रूप में की। पीड़ित ने बेटे के साथियों पर हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पीड़ित के आरोप सत्य निकले और बदमाशों की तलाश की गई। रविवार की देर रात शिव मंदिर की ओर जा रहे बाइक सवार दो बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया।
पुलिस पूछताछ में दोनों बदमाशों ने अपने नाम अनिल यादव उर्फ लंबू निवासी सुंदरपुर थाना रिजोर जनपद एटा तथा नईम निवासी हरीपुर धर्मपुर थाना सिकता जिला बतिया बिहार और हाल निवासी विजयनगर गाजियाबाद बताया। पूछताछ में अनिल उर्फ लंबू ने बताया कि वह और उसके साथी टीटू, नईम और लाल सिंह तथा उसकी प्रेमिका प्रियंका सभी सरगना गुड्डू यादव के लिए गांजा तस्करी करते हैं। ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में सप्लाई करते थे। पांच माह पूर्व गुड्डू का 60 लाख का गांजा नोएडा पुलिस ने पकड़ा और तीन साथियों गुड्डू, अनिल और टीटू को जेल जाना पड़ा। गुड्डू को लाल सिंह पर पुलिस मुखबिरी करने का शक था। 15 अक्तूबर को लाल सिंह को फोन कर नईम के घर विजयनगर बुलाया गया। शराब पिलाकर गला दबाकर हत्या कर दी थी। साक्ष्य मिटाने और हत्या को हादसा दर्शाने के लिए लाल सिंह के शव को रेलवे ट्रैक पर डाला और जब ट्रेन शव के ऊपर से निकल गई तो घर लौट गए।
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डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में अनिल उर्फ लंबू का कहना है कि गुड्डू गिरोह का बॉस है। साथी लालसिंह और उसकी प्रेमिका धोखेबाज थे। लालसिंह की हत्या करने के चार दिन बाद प्रियंका को फोन कर ओडीशा से शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर बुलाया, जहां से उसे बाइक से एटा मार्ग स्थित खड़ीत नहर के नजदीक जंगल में ले गया। प्रियंका को बताया कि उसके प्रेमी लालसिंह की उसने हत्या कर दी है। प्रियंका प्रेमी की हत्या पर आग बबूला हो गई और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। अनिल उर्फ लंबू ने प्रियंका का गला दबाकर हत्या कर दी और शव खड़ीत नहर में फेंक दिया। प्रियंका का शव अभी बरामद नहीं हुआ है। पकड़े गए बदमाशों से चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।
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