गाजियाबाद। महापंचायत में हुए फैसले पर वकीलों के विरोध के कारण बार एसोसिएशन ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। लाठीचार्ज के विरोध में बार सभागार के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मंगलवार को आठ पूर्व अध्यक्ष क्रमिक अनशन करेंगे। 29 नवंबर को बार काउंसिल प्रयागराज कार्यालय में एकत्र होकर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं जनपद न्यायाधीश दस दिन के अवकाश पर चले गए।
बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा, विजयपाल सिंह राठी, राकेश त्यागी कैली, राकेश त्यागी काकड़ा, अनिल पंडित, सुनील दत्त त्यागी, मनीष त्यागी, योगेंद्र कौशिक और राम अवतार गुप्ता क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।
पूरे प्रदेश के सभी जिलों में जारी रहेगी हड़ताल
सोमवार को प्रस्ताव पास कर बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि 29 अक्तूबर को जनपद न्यायालय में हुए लाठीचार्ज के विरोध में जब तक जनपद न्यायाधीश और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। तब तक लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। सचिव ने बताया कि 18 नवंबर को कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि महापंचायत के फैसले में एक सप्ताह स्थगित करना तय हुआ था, लेकिन बार से जुड़े अधिवक्ता साथियों ने स्थगन का विरोध किया था। इसलिए हड़ताल जारी रखी गई है।
बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि बार एसोसिएशन ने अपील की है कि प्रदेश के सभी बार एसोसिएशन, बार संघ, तहसील संघ, टैक्स बार एसोसिएशन 19 नवंबर को अपने जनपदों में विरोध-प्रदर्शन करेंगे और न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। इसके अलावा प्रस्ताव पारित किया गया कि 29 नवंबर को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के अधिवक्ता बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के कार्यालय में एकत्रित होंगे। इसका नेतृत्व बार एसोसिएशन गाजियाबाद करेगी।
दस दिन के अवकाश पर गए जनपद न्यायाधीश
अदालत की वेबसाइट पर दर्ज जज अवकाश की सूची के अनुसार जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने 18 नवंबर से 27 नवंबर तक अर्जित अवकाश (ईएल) लिया है। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने व्यक्तिगत कार्य के लिए अवकाश लिया है।