एनएच-24 के चौड़ीकरण में अब मसूरी-प्रताप विहार गंगाजल लाइन बाधक बन गई है। 100 क्यूसेक की गंगाजल लाइन को अब दो प्वाइंट विजय नगर और लालकुआं पर सड़क से कुछ दूरी पर शिफ्ट करना पड़ेगा। एनएचएआई और जल निगम अधिकारियों के बीच इस पर सहमति बन गई है।
ऐसे में लाइन शिफ्टिंग के दौरान नोएडा और टीएचए की कालोनियों के लोगों को गंगाजल संकट झेलना पड़ेगा। इस दौरान कई दिन तक गंगाजल आपूर्ति ठप रहेगी।एनएचएआई ने एनएच-24 के चौड़ीकरण के लिए किए गए सर्वे के दौरान इन दोनों प्वाइंट को चिह्नित कर लिया है, जहां से लाइन शिफ्ट की जाएगी।
विजय नगर क्षेत्र में करीब 300 मीटर और लाल कुआं क्षेत्र में करीब 900 मीटर लंबी नई लाइन डाली जाएगी। इसके लिए फिजिबिलिटी भी चेक कर ली गई है और अब एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। लाइन शिफ्ट करने में आने वाले खर्च को एनएचएआई ही वहन करेगा।
जल निगम के अफसरों के मुताबिक लाइन शिफ्टिंग के दौरान कई दिनों तक नोएडा-टीएचए की गंगाजल आपूर्ति बाधित रहेगी।
पहले पूरी लाइन शिफ्ट करने की थी प्लानिंग
पूर्व में एनएचएआई ने प्रताप विहार से लेकर मसूरी तक करीब 18 किलोमीटर लंबी पूरी लाइन को शिफ्ट करने की प्लानिंग की थी। अफसरों का तर्क था कि लाइन के ऊपर सड़क बन जाएगी तो उसकी मेंटेनेंस करने में दिक्कत आएगी। इसके लिए हाईवे का ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ेगा।
अब एनएचएआई ने हाईवे के डिजाइन में कुछ संशोधन किया है। ऐसे में सिर्फ 1200 मीटर लाइन ही शिफ्ट करनी पड़ेगी।
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अधिकारी बोले
लाइन शिफ्टिंग का एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। एनएचएआई से फंड मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। अभी इसके लिए तारीख तय नहीं हुई है। केवल 1200 मीटर लाइन शिफ्टिंग में ज्यादा दिन पानी बंद नहीं करना पड़ेगा।
- आरके अग्रवाल, गंगाजल प्लांट प्रभारी