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Ghaziabad News: गैस एजेंसी आवंटन का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा

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थाना साइबर क्राइम पुलिस ने चार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार। संवाद - फोटो : mathura
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गाजियाबाद। साइबर थाना पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो नौकरी दिलाने और गैस एजेंसी आवंटन करने का झांसा देकर आवेदकों से शुल्क के नाम पर ठगी करता था। देश की नामचीन गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर आवंटन के नाम पर 15 से 70 लाख रुपये तक रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क आदि के नाम पर ट्रांसफर करा लेते थे। सात राज्यों में इस गिरोह ने गैस एजेंसी आवंटन और नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लोगों से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की है जबकि इनके पास से 337 गैस एजेंसी के लिए आवेदन करने वाले लोगों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र से दक्षिण भारत में साइबर ठगी की घटनाओं की शिकायत अपलोड की गई। शिकायतों में दर्ज मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया तो गिरोह के चार सदस्य पकड़े गए हैं। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम राहुल यादव (34) निवासी अकबरपुर बहरामपुर थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक, शुभम सिंह चौहान (29) निवासी सिकंदर कम्पू हरगोविंद का खेत गिर्द ग्वालियर मध्य प्रदेश हाल पता होमटेक ग्लोबल सेक्टर-73 शरफाबाद गौतमबुधनगर, हेमेंद्र सिंह (25) निवासी ग्राम मोहनपुरा थाना काशी रामनगर जनपद कासगंज, हाल पता सिद्धार्थ विहार थाना विजयनगर और रविंद्र कुमार (28) निवासी ग्राम हसौना जगमोहनपुर थाना गांगीरी जनपद अलीगढ़, हाल पता बागू चर्च वाली गली विजयनगर बाईपास थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक बताया है। इनसे 11 मोबाइल, छह चेकबुक, एक पासबुक, आठ डेबिट कार्ड और एक कार बरामद हुई है।
सोशल मीडिया से खोजते थे शिकार

एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह का सरगना राहुल यादव है। राहुल यादव सोशल मीडिया पर जॉब दिलाने और रिलायंस गैस, इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम गैस कंपनियों की एजेंसी आवंटन का विज्ञापन अपलोड करते थे। साथ ही गूगल पर भी प्रचार करते थे और फर्जी आईडी पर लिए गए फोन नंबर विज्ञापन पर संपर्क करने के लिए दर्ज कराते थे। इसके साथ ही क्यूकर नाम के पोर्टल पर लोगों का डाटा एकत्र करके उन्हें कॉल करके ऑफर देते थे। राहुल यादव और शुभम सिंह दोस्त हैं दोनों ही कार में बैठकर फर्जी नंबर से ग्राहक को कॉल कर जाल में फंसाते थे।
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बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर ठगी करते थे। गैस वितरक कंपनी के अधिकारियों के फोटो अपने मोबाइल की डीपी पर लगाकर रखते थे। राहुल यादव अपना नाम सुभाष चंद्रा और शुभम चौहान अपना नाम आवेदक को प्रतीक अग्रवाल बताकर गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताते थे। राहुल और शुभम नोएडा की एक कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करते थे और हेमेंद्र सिंह बसों में चूरन बेचता था, जबकि रविंद्र कुमार डिलीवरी बॉय का काम करता था। अमीर होने की ललक में चारों साइबर ठगी करने लगे।
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पोर्टल पर दर्ज शिकायतें

-चंडीगढ़ में रहने वाले विश्वानंद से गैस एजेंसी आवंटन के नाम पर 3100 रुपये की ठगी।

-राजस्थान नागौर में रहने वाले राजकुमार मीना से गैस एजेंसी आवंटन के नाम पर 789725 रुपये की ठगी।

-केरल के फाजिम करीम से जॉब दिलाने के नाम पर 1150 रुपये की ठगी।

-केरल के त्रिचुर सिटी निवासी अनूप केवी कुर्नाकुलम से नौकरी के नाम पर 1212982 रुपये की ठगी

-दक्षिण तमिलनाडु के थूथुकड़ी निवासी विपिन देवा से जॉब के नाम पर 20650 रुपये की ठगी।

-महाराष्ट के खामगांव ग्रामीण गुलधाना निवासी प्रभाकर भीमराव से गैस एजेंसी आवंटन के नाम पर 943200 रुपये की ठगी।

-तेलंगाना हैदराबाद के हनुमंत राव से गैस एजेंसी आवंटन के नाम पर 15500 रुपये की ठगी।

-तमिलनाडु के चेन्नई निवासी बालासुब्रमण्यम आर से जॉब का फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर 9500 रुपये की ठगी।

-तमिलनाडु के अधिल पल्लीकरानई से जॉब के नाम पर 4550 रुपये की ठगी।

-गुजरात के बालासिनोर निवासी नवनीत महेरा से 1150 रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें पोर्टल पर दर्ज हैं।

थाना साइबर क्राइम पुलिस ने चार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार। संवाद- फोटो : mathura

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