नगर के राज राजेश्वर मंदिर में कथा सुनाते कथा वाचक। संवाद
बुलंदशहर। नगर के राज राजेश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथा वाचक धनंजय महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर गोपी संवाद की कथा सुनाई। वहीं, बहलीमपुरा के शिव मंदिर में भागवत कथा सुनने से मिलने वाले पुण्य के बारे बताया गया।
धनंजय महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला, कंस वध, उद्धव-गोपी संवाद और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम, नटखटपन और अलौकिक शक्ति का अद्भुत मिश्रण है। उन्होंने उद्धव-गोपी संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के उद्धव को ब्रज भेजने और गोपियों के प्रेम व भक्ति का प्रसंग सुनाया।
कथा में वृंदावन से आए ओंकार दास महाराज और ज्ञानेश्वर तिवारी महाराज भी पधारे। श्रीहरि नाम संकीर्तन मंडल के संचालक प्रदीप गोयल ने बताया कि 31 मई तक वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा, भक्तमाल कथा, भजन संध्या, सुंदरकांड पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम दिन विशाल संकीर्तन यात्रा भी निकाली जाएगी।
वहीं, गांव बहलीमपुरा स्थित शिव मंदिर पर मुकुंद शरण देवाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा सुनने से मिलने वाले पुण्य के बारे बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना साक्षात ईश्वर की कृपा और मोक्ष का मार्ग माना जाता है। भागवत पुराण के अनुसार इसके श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं, चित्त शुद्ध होता है और मनुष्य के मन से अज्ञान व भय दूर हो जाता है। इस दौरान भक्ति गीतों व भजनों की भी गूंज रही। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
नगर के राज राजेश्वर मंदिर में कथा सुनाते कथा वाचक। संवाद