साहिबाबाद। जालसाजों ने फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर 51 लाख रुपये का लोन लेकर पांच ट्रक ले लिए। साहिबाबाद से ट्रक को बरामद किया गया है। लोन की किस्त नहीं भरने पर मामले की जानकारी हुई है। फाइनेंस कंपनी ने जांच की, तो पता चला कि जिस वाहन नंबर पर लोन लिया गया है, वह वाहन नंबर, इंजन नंबर और चेचिस नंबर का वाहन कंपनी की ओर से बनाया गया ही नहीं है। फर्जीवाड़े में आरटीओ, बैंक कर्मचारी, उनके मैनेजर ओर डीएसए की मिली भगत का आरोप है।
रजत डबास की आरबीआई के नाम से कंपनी है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी जो वाहनों को लेकर लोन उपलब्ध कराती हैं। उन्हें जानकारी मिली कि उनकी कंपनी के मैनेजर पंकज जैद, डीएसए विनोद, वैभव ने डीलर राकेश के साथ मिलकर शहनवाज नाम के व्यक्ति को पांच ट्रक फाइनेंस कराए गए हैं। पहले ट्रक पर एक लाख रुपए, दूसरे ट्रक पर नौ लाख 80 हजार रुपए, तीसरे ट्रक पर 16 लाख रुपए, चौथे ट्रक पर दस लाख रुपये और पांचवें ट्रक पर 14 लाख 36 हजार रुपए का लोन लिया गया। आरोप हे कि डीलर राकेश कुमार ने दो वाहनों का पैसा उनकी कंपनी के खाते से अपने खाते में लिया है। आरोप है कि सभी ने मिलकर आरटीओ कार्यालय की मिली भगत से वाहन फाइनेंस कराकर कंपनी को चूना लगाया है। इस मामले में उन्होंने जांच की। जांच में पता चला कि जिन वाहन नंबर पर लोन दिया गया, उसका नंबर, इंजन नंबर ओर चेचिस नंबर के वाहन कंपनी ने बनाए ही नहीं। आरोप है कि उक्त सभी लोग अलग-अलग कंपनियों व बैंकों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि एंटी फ्रॉड सेल से हुई जांच के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।